झरिया में गोलीबारी की घटना का पुलिस ने किया खुलासा

धनबाद: झरिया के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र में जामाडोबा डुमरी नंबर-2 में हुई गोलीबारी की घटना की पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और घटना में इस्तेमाल की गई दो बाइक भी बरामद की गई हैं। पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की खोज में जुटी हुई है।

घायल का इलाज और शिकायत दर्ज

घायल व्यक्ति रिक्की सिंह, जो 28 वर्ष के हैं, को 29 मई को गोली मारी गई थी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया था। रिक्की सिंह की पत्नी चंदा कौर के आवेदन पर जोड़ापोखर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने सिंदरी एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया।

जांच प्रक्रिया और गिरफ्तारी

विशेष जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान नानक सिंह और आरिफ अंसारी नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन दोनों की निशानदेही पर घटना में उपयोग की गई दो बजाज पल्सर 220 बाइक भी बोकारो स्टील रेलवे स्टेशन क्षेत्र से बरामद की।

घटना का कारण और आगे की कार्रवाई

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि घटना के दिन वे हर्ष सिंह और गौरव सिंह के साथ मिलकर रिक्की सिंह के घर के पास रखे रोपवे केबल को उठाने गए थे, जहां उनकी रिक्की और उसके भाई विजय उर्फ दारा सिंह के साथ कहासुनी हो गई। यह विवाद बढ़कर गाली-गलौज और मारपीट में तब्दील हो गया। पुलिस के अनुसार, गुस्से में आकर हर्ष सिंह ने रिक्की सिंह पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अपराध संबंधी जानकारी

जांच के दौरान यह भी पता चला है कि रिक्की सिंह और उसके भाई पहले गौरव सिंह उर्फ गोपु के साथ मिलकर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। हालांकि, इस गोलीबारी के पीछे की असली वजह और क्या कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क इसमें शामिल है, इसकी जांच अभी जारी है। एसडीपीओ ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।