जामताड़ा में मजदूरों की समस्याओं का खुलासा

जामताड़ा में मजदूरों ने अपनी गंभीर समस्याओं को उजागर किया है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित **न्यूनतम मजदूरी** भी नहीं मिल रही है। मजदूरों का कहना है कि वे काम करने के बावजूद समय पर पैसे नहीं पा रहे हैं, जिससे उन्हें भुखमरी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

काम के घंटे और कार्यस्थल की स्थिति

मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजाना 10 से 12 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके साथ ही, कार्यस्थल पर धूल और गंदगी का अंबार लगा रहता है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मजदूरों की सेहत पर भी गंभीर संकट मंडरा रहा है।

सामाजिक सुरक्षा और अवकाश की कमी

मजदूरों का यह भी कहना है कि उन्हें कोई **साप्ताहिक अवकाश** नहीं दिया जाता है, और न ही वे किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा या बीमा का लाभ उठा पा रहे हैं। इस स्थिति ने उनकी जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है।