नई दिल्ली: 5 मार्च 2026 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल आयोजित किया जाएगा। यह दिलचस्प है कि 39 साल पहले भी इसी मैदान पर दोनों टीमें वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने थीं। वह मुकाबला 1987 के वनडे विश्व कप का था, जब भारत मौजूदा चैंपियन के रूप में खेला था, और ऐसी ही स्थिति फिर से बनने की उम्मीद है।

1983 में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप में भारत ने खिताब जीता, जिससे सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। कपिल देव के नेतृत्व में भारतीय टीम पहली बार विश्व विजेता बनी थी और फाइनल में वेस्टइंडीज को हराया था। 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप जीता था।

सितारे खिलाड़ियों की मौजूदगी

1987 के वनडे विश्व कप के उस सेमीफाइनल में दोनों टीमों में कई स्टार खिलाड़ी शामिल थे। भारत की ओर से सुनील गावस्कर, मोहम्मद अजहरुद्दीन और कपिल देव जैसे दिग्गज थे, जबकि इंग्लैंड के पास ग्राहम गूच, माइक गैटिंग और एलन लैम्ब जैसे खिलाड़ी मौजूद थे।

ग्राहम गूच का शतक

पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने छह विकेट पर 254 रन बनाए। ग्राहम गूच ने एक शानदार सेंचुरी बनायी, जबकि कप्तान माइक गैटिंग ने अर्धशतक लगाया। भारत की ओर से मनिंदर सिंह ने तीन विकेट लिए, जबकि कपिल देव ने भी सफलता हासिल की। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 219 रन बनाकर मैच हार गया।

मोहम्मद अजहरुद्दीन का प्रयास

मोहम्मद अजहरुद्दीन ने संघर्ष करते हुए पचास से अधिक रन बनाए। इंग्लैंड के एडी हेमिंग्स ने चार विकेट लिए और नील फोस्टर ने तीन विकेट लेकर भारतीय टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 35 रन से जीत लिया, लेकिन फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया से सात रन से हारी का सामना करना पड़ा।

क्या इतिहास दोहराएगा?

दिलचस्प बात यह है कि 1987 और 2026 दोनों बार भारत पिछली बार की विजेता टीम के रूप में सेमीफाइनल तक पहुंचा है। दोनों टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से पहले भारत को केवल एक हार का सामना करना पड़ा था और संयोग से दोनों बार मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम में ही खेला गया। 39 साल पहले इंग्लैंड ने इस मुकाबले में जीत हासिल की थी। अब देखना यह है कि 2026 में भी कहानी वही रहती है या भारतीय टीम इतिहास का रुख मोड़ने में सफल होता है।