जेपीएससी परीक्षाओं पर भाजपा की गंभीर आपत्ति
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) को रद्द करने और इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
भाजपा ने उठाए सवाल
रांची में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जेपीएससी की चयन प्रक्रिया लगातार विवादों में घिरी हुई है। उनका आरोप है कि आयोग अब योग्यता आधारित चयन संस्था के बजाय अव्यवस्था और अपारदर्शिता का प्रतीक बन गया है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
परीक्षा परिणामों में अनियमितताएं
भाजपा ने हालिया सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें 103 पदों के लिए 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। पार्टी का कहना है कि आयोग ने कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए हैं, और परिणाम पर आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने के मुद्दे ने भी संदेह को बढ़ाया है।
बैकलॉग और ओएमआर शीट में गड़बड़ी
प्रतुल शाहदेव ने बैकलॉग पीटी परीक्षा का भी जिक्र करते हुए कहा कि 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है, जिससे चयन प्रक्रिया पर संदेह बढ़ गया है। उन्होंने ओएमआर शीट में कथित गड़बड़ी का भी आरोप लगाया। एक उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि एक अभ्यर्थी ने पहले प्रश्नपत्र में 48 अंक प्राप्त किए, जबकि दूसरे प्रश्नपत्र में 97 अंक होने का दावा किया गया, जो कि सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं लगता।
भाजपा की मांगें
भाजपा ने मांग की है कि जेपीएससी की पीटी परीक्षा तुरंत रद्द की जाए और पूरे मामले की सीबीआई से स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसके साथ ही, कटऑफ, मेरिट निर्धारण, मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्रों से अपील
प्रतुल शाहदेव ने प्रतियोगी छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है और भाजपा उन छात्रों के साथ खड़ी रहेगी जो परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

