जामताड़ा : जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के चरक पानी गांव में एक दुखद घटना घटी है। जड़ी-बूटी का व्यापार करने वाले एक व्यक्ति की ठनका गिरने से मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ा दी है, जबकि गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मृतक कई वर्षों से जड़ी-बूटी के व्यवसाय में सक्रिय था और इसी से अपने परिवार का गुजारा करता था। रविवार को वह अपने व्यापार के सिलसिले में जड़ी-बूटी खरीदने के लिए मार्गोमुंडा हाट जा रहा था, तभी अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई।

अचानक गिरा ठनका, बचने का नहीं मिला मौका

गांव के निवासियों के अनुसार, मौसम अचानक खराब होने के कुछ ही समय बाद एक तेज आवाज के साथ ठनका गिरा। दुर्भाग्यवश, जड़ी-बूटी विक्रेता इसकी चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। घटनास्थल पर ही उसकी मृत्यु हो गई, जबकि आसपास के लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही जुटे ग्रामीण

इस हादसे की जानकारी मिलते ही आस-पास के ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। इसके बाद मृतक के परिवार को सूचना दी गई। जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तो शव देखकर उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई। गांव के लोगों ने भी इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक अपने परिवार का प्रमुख कमाने वाला सदस्य था। उसकी अचानक मृत्यु से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। गांव के निवासियों का कहना है कि वह एक मेहनती और मिलनसार व्यक्ति था, जो लंबे समय से जड़ी-बूटी के व्यापार में सक्रिय था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी चल रही है। प्रशासन को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है।

मुआवजे की मांग

ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए आपदा राहत के तहत उचित मुआवजा और सरकारी सहायता प्रदान करने की अपील की है। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए सरकार को तुरंत मदद करनी चाहिए।