धनबाद में बीआईटी सिंदरी को रिसर्च संस्थान बनाने की पहल

धनबाद में बीआईटी सिंदरी को एक रिसर्च संस्थान का स्वरूप देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार ने मंगलवार को धनबाद का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त आदित्य रंजन, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, बीआईटी सिंदरी के फैकल्टी और बीबीएमकेयू प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में चर्चा के मुख्य बिंदु

इस बैठक में राज्य के उच्च शिक्षा तंत्र को सशक्त बनाने, बीआईटी सिंदरी को रिसर्च संस्थान के रूप में विकसित करने और शिक्षकों की कमी को दूर करने पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधान सचिव ने बताया कि बीआईटी सिंदरी राज्य का एक प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान है, जबकि बीबीएमकेयू एक नई यूनिवर्सिटी है। इस दौरे का उद्देश्य धनबाद के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम को बेहतर बनाना है।

शिक्षकों की कमी पर विशेष ध्यान

राहुल कुमार पुरवार ने बताया कि उच्च शिक्षा में सबसे बड़ी चुनौती शिक्षकों की कमी है। राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम लागू होने के बाद, यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन का गठन किया जाएगा, जिससे शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले एक वर्ष के भीतर नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी।

शैक्षणिक सुधार की दिशा में कदम

प्रधान सचिव ने यह भी कहा कि सरकार शिक्षण संस्थानों में नियमित शैक्षणिक सत्र, समय पर नामांकन और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नए सिस्टम लागू कर रही है। सरकारी और निजी संस्थानों की तुलना करने के बजाय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।