चाईबासा : लोकतांत्रिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाने और आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने हेतु जिला प्रशासन सक्रियता से कार्यरत है। इस दिशा में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड का दौरा किया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय, गितिलादेर स्थित मतदान केंद्र संख्या-20 पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर), बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) और ‘चुनाव पाठशाला’ की संयुक्त बैठक में भाग लिया।
मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर: उपायुक्त
बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि एक निष्पक्ष और मजबूत लोकतंत्र के लिए बिना किसी त्रुटि वाली मतदाता सूची का होना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता सूची को पूर्ण रूप से पारदर्शी बनाना केवल प्रशासन का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO), राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों (BLA-2) और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
विशेष प्राथमिकताओं पर ध्यान
मतदाता सूची में सुधार के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:
अपात्र नामों का निष्कासन: उन व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जाएंगे जो deceased हैं, स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर चले गए हैं, या जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं।
‘एक नागरिक, एक वोट’: चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम केवल एक विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हो।
नए मतदाताओं का समावेश: सभी छूटे हुए पात्र युवाओं और नागरिकों को जोड़ने के लिए आवश्यक फॉर्म भरे जा रहे हैं।
‘चुनाव पाठशाला’ से जागरूकता में वृद्धि
बैठक के दौरान आयोजित ‘चुनाव पाठशाला’ में उपस्थित स्थानीय नागरिकों को मतदान की प्रक्रिया, विभिन्न सरकारी फॉर्मों (जैसे नाम जोड़ने, सुधार करने या हटाने के फॉर्म) का उपयोग और मतदाता सूची के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान करते हुए उचित मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान तांतनगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, बीएलओ सुपरवाइजर, विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-2, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण व मतदाता उपस्थित थे। बैठक का समापन सभी उपस्थित लोगों ने इस पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के संकल्प के साथ किया।
