नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 के मौजूदा सीजन में लगातार हो रहे प्रोटोकॉल उल्लंघनों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और टीम मालिकों को अनुशासन और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है।
BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने सभी फ्रेंचाइजियों को आठ पन्नों की एक एडवाइजरी भेजी है, जिसमें कहा गया है कि इस सीजन में कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जो टूर्नामेंट की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही, सुरक्षा और कानूनी जोखिम भी बढ़ने की संभावना है।
BCCI की प्रमुख चिंताएँ
BCCI की सबसे बड़ी चिंता खिलाड़ियों के होटल के कमरों में अनधिकृत व्यक्तियों की एंट्री को लेकर है। बोर्ड ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिना टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के किसी भी बाहरी व्यक्ति को खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के कमरे में जाने की अनुमति नहीं होगी। मेहमानों से केवल होटल की सार्वजनिक जगहों पर मिलने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को बिना जानकारी के होटल छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अब किसी भी खिलाड़ी को होटल से बाहर जाने से पहले सुरक्षा लायजन ऑफिसर या टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर को सूचित करना अनिवार्य होगा।
BCCI की चेतावनी
BCCI ने टीम मालिकों को भी तलब किया है। बोर्ड ने कहा कि कुछ फ्रेंचाइजी मालिक मैच के दौरान खिलाड़ियों से मिलने, उन्हें गले लगाने या डगआउट तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जो कि नियमों का उल्लंघन है। इस पर अब पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
संभावित कार्रवाई
हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए दिखाई देने और युजवेंद्र चहल पर ई-सिगरेट के उपयोग के आरोपों के बाद BCCI ने वेपिंग पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भारतीय कानून के तहत ई-सिगरेट का उपयोग प्रतिबंधित है।
अब टीम मैनेजर को 48 घंटे के भीतर सभी खिलाड़ियों और स्टाफ के साथ बैठक कर नए नियमों की जानकारी देनी होगी। BCCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, निलंबन या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
