ED की चार्जशीट में अब राघव चड्ढा का नाम शामिल किया गया है.
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा का नाम शराब (Raghav Chadha Liquor Policy) नीति मामले में आया है. ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में चड्ढा का नाम शामिल किया गया है. आजतक की रिपोर्ट के मुातबिक, चार्जशीट में जाली लेन-देन की साजिश से जुड़ी बातें लिखी हैं. इस केस में पहले ही दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया का नाम शामिल किया जा चुका है.
चार्जशीट के मुताबिक, मनीष सिसोदिया के पूर्व सचिव सी अरविंद ने जांच एजेंसी को बताया है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर हुई एक बैठक में राघव चड्ढा भी शामिल थे. चार्जशीट में सी अरविंद के बयान के हवाले से बताया गया है कि बैठक में पंजाब के आबकारी आयुक्त वरुण रूजम, मामले के आरोपी विजय नायर और पंजाब आबकारी निदेशालय के अन्य अधिकारी भी शामिल थे.
इस मामले में मनीष सिसोदिया पहले से जेल में बंद हैं.
अब तक क्या-क्या हुआ?
नवंबर 2021 में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की थी. आबकारी नीति 2021-2022 आने के कुछ महीने बाद ही दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने AAP सरकार की नई आबकारी नीति पर रिपोर्ट तलब की. 8 जुलाई, 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव ने रिपोर्ट उपराज्यपाल को सौंपी. रिपोर्ट में नई आबकारी नीति बनाने में नियमों के उल्लंघन तथा टेंडर प्रक्रिया में खामियों का जिक्र किया गया था.
मुख्य सचिव की रिपोर्ट में नई शराब नीति में GNCTD एक्ट 1991, ट्रांजैक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स (टीओबीआर) 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन बताया गया.
मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि नई पॉलिसी के जरिए शराब लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. लाइसेंस देने में नियमों की अनदेखी की गई. टेंडर के बाद शराब ठेकेदारों के 144 करोड़ रुपए माफ किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक, नई नीति के जरिए कोरोना के बहाने लाइसेंस की फीस माफ की गई. रिश्वत के बदले शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाया गया. दिल्ली का एक्साइज विभाग मनीष सिसोदिया के अधीन था. ऐसे में उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे.
इस रिपोर्ट के आधार पर जुलाई 2022 में वीके सक्सेना ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI जांच के निर्देश दे दिए. CBI जांच के आदेश के कुछ दिन बाद ही केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति पर रोक लगा दी. 1 सितंबर 2022 से नई को हटाकर फिर पुरानी नीति लागू कर दी गई. छह महीने की जांच के बाद CBI ने मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया.
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