छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच की अनुशंसा, एसआईटी जारी रखी जांच
पटनाः चित्रगुप्त नगर स्थित गर्ल्स होस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में सीबीआई जांच की अनुशंसा की गई है, लेकिन एसआईटी की जांच अभी भी लगातार जारी है। एसआईटी संबंधित बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने के लिए काम कर रही है।
मामले में गिरफ्तारियां और रक्त परीक्षण
अब तक हॉस्टल की बिल्डिंग के मालिक समेत 20 से अधिक संदिग्धों के रक्त नमूने लिए जा चुके हैं, जिनका डीएनए टेस्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त, एसआईटी अब आठ और संदिग्धों का ब्लड सैंपल भी लेगी। एक टीम दोबारा जहानाबाद में इस मामले की जांच के लिए पहुंची है। पुलिस अभी भी इस मामले में यौन हिंसा की घटनाओं के समय और स्थान की जानकारी नहीं जुटा पाई है।
घटना की समयरेखा
छह जनवरी को छात्रा गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली थी, जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। नौ जनवरी को इस मामले में चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 11 जनवरी को उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई। पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही चिकित्सक के बयान के आधार पर कहा कि यौन हिंसा की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
15 जनवरी को पुलिस ने फिर से बयान जारी किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा का इशारा है। इस पर पुलिस की कार्यशैली पर संदेह उठने लगे। घटना के बाद भी पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, हालांकि बिल्डिंग मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद डीजीपी के आदेश पर एसआईटी का गठन किया गया।
फोरेंसिक जांच के नतीजे
फॉरेंसिक जांच में छात्रा की अंत:वस्त्र पर मानव स्पर्म के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और संदिग्धों के सैंपल के साथ डीएनए प्रोफाइल तैयार किया गया। एसआईटी ने 20 से अधिक संदिग्धों का सैंपल जांच के लिए लिया। मामले में उठ रहे सवालों के मद्देनजर, राज्य सरकार ने केंद्र से सीबीआई जांच की अनुशंसा की।
जांच के अन्य पहलू
पुलिस ने छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री, मोबाइल फोन डेटा, सीसीटीवी फुटेज और कई लोगों से पूछताछ की है। मामले में चार आईपीएस, दो एसडीपीओ और अन्य पुलिसकर्मी भी जांच में लगे हुए हैं। यह घटना पूरी तरह से जांच के दायरे में है और एसआईटी शुरुआत से ही तटस्थता के साथ कार्य कर रही है।

