बाजार क्षेत्र में जहां तहां मृत कौए पड़े नजर आने शुरू हो गये हैं, यह सिलसिला विगत कई वर्षों से चल रहा है. नवम्बर एवं दिसम्बर माह में सुबह के समय बाजार की सड़कों के किनारे स्थित बडे़ वृक्षों के निकट जहां-तहां चार से पांच की संख्या में पड़े मृत कौआ नजर आते हैं. नगरपंचायत के सफाई कर्मी इन्हें उठा कर कचरों के साथ क्षेत्र से बाहर फेंक आते हैं.
क्षेत्र में पक्षी रोग के जानकार नहीं हैं जिनसे इस प्रकार अचानक कौओं के मौत के कारण की जानकारी मिले. जब तक इनके मौत का सिलसिला जारी रहता है लोग स्वयं कारण निकाल कर चर्चा जारी रखते हैं. काल्पनिक कारणों में मोबाइल टावर के रेडिएशन एवं बर्ड फ्लू सहित अदृश्य आपदा के पूर्व संकेत से भी इस कारण को जोड़ते हुए कुछ दिनों तक चर्चा जारी रहती है. इन्ही चर्चों के मध्य बर्ड फ्लू के भ्रम से कुछ चिकन के शौकीन अतिरिक्त सावधानी बरतने लगे हैं.
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