पाकुड़ : पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र स्थित बेलपहाड़ी गांव में एक युवक के लापता होने से स्थानीय लोगों में चिंता की लहर दौड़ गई है। आशंका है कि युवक बंद पड़े खदान के गहरे पानी में गिर गया है। लापता युवक की पहचान स्वर्गीय सुबोध पहाड़िया के 25 वर्षीय पुत्र राम पहाड़िया के रूप में हुई है। बताया गया है कि राम पहाड़िया मंगलवार को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच गांव के निकट स्थित बंद खदान में नहाने गया था, लेकिन लंबे समय तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता होने लगी। पहले तो परिवार ने सोचा कि वह किसी काम से कहीं रुक गया होगा, लेकिन देर शाम तक भी जब वह नहीं आया, तो उनकी चिंता बढ़ गई।

कपड़े और साबुन देखकर घबरा गए परिजन

परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो वे खदान के पास पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। खदान के किनारे राम के कपड़े और साबुन पड़े मिले, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। कपड़े और सामान देखकर परिजनों ने आशंका जताई कि नहाते समय वह खदान के गहरे पानी में डूब गया होगा। इसके बाद उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही हिरणपुर थाना प्रभारी विनय कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) दिलीप टुडू और अंचलाधिकारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और युवक की खोज के लिए अभियान प्रारंभ किया। प्रशासन की टीम स्थानीय लोगों की मदद से खदान के आसपास खोजबीन कर रही है। हालाँकि, समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस खदान में युवक के डूबने की आशंका है, वह काफी पुरानी और गहरी है। बारिश के कारण उसमें काफी पानी भर गया है, जिससे खोज अभियान में कठिनाई आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के प्रति लोगों को पहले भी चेताया गया है, लेकिन गर्मी के दिनों में कई युवक और बच्चे यहां नहाने आ जाते हैं।

गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

राम पहाड़िया के लापता होने की खबर फैलते ही पूरे बेलपहाड़ी गांव में दुख का माहौल बन गया। परिजन बेहद परेशान हैं और उसकी सकुशल लौटने की उम्मीद में हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण भी खदान के आसपास इकट्ठा हैं और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे खोज अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बंद खदानों और गहरे जलाशयों के पास जाने से बचें, क्योंकि ऐसे स्थानों पर नहाना या तैरना बहुत जोखिम भरा हो सकता है।