नीट परीक्षा में अनियमितताओं पर जेएमएम का केंद्र सरकार पर हमला
रांची में जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने नीट परीक्षा के आयोजन और उससे जुड़ी अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने परीक्षा सामग्री के परिवहन में भारतीय वायु सेना की मदद लेने पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया। भट्टाचार्य ने कहा कि सेना का उपयोग केवल सुरक्षा, सीमाओं की रक्षा या प्राकृतिक आपदाओं जैसी गंभीर स्थितियों के लिए होना चाहिए, न कि प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायु सेना ने अपने कर्तव्यों का पालन किया है, लेकिन सरकार ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए उसकी प्रतिष्ठा को खतरे में डाल दिया है।
शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर प्रश्न
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि यदि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक पारदर्शी परीक्षा का आयोजन करने में असमर्थ है, तो यह पूरे सरकारी तंत्र की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं शिक्षा प्रणाली में मौजूदा खामियों को उजागर करती हैं। जेएमएम नेता ने दावा किया कि नीट परीक्षा से जुड़े तनाव के कारण मई से जुलाई के बीच 17 छात्रों ने आत्महत्या की है, जो लगभग 22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय का संकेत देता है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इस बड़े कथित घोटाले के बावजूद पद पर बने रहना नैतिक रूप से सही नहीं है। भट्टाचार्य ने पूरे मामले को एक गंभीर साजिश करार देते हुए कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली को कमजोर किया जा रहा है और छात्रों की आस्था को लगातार चोट पहुंचाई जा रही है।
