प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

आज रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में किया गया राज्य में शिक्षकों के लिए आयोजित सबसे बड़े सम्मान समारोह में झारखंड के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 2000 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन पाठवा के द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समायल अहमद रिनपास के निदेशक डॉक्टर जयंती सिमलाई ,एलआर सैनी पद्मश्री से सम्मानित मुकुंद नायक पासवा के प्रदेश अध्यक्ष के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दुबे उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शहदेव महासचिव डॉ राजेश गुप्ता जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार डॉ सुषमा क्रिकेटर , फलक फ़ातिमा , संजय कुमार ,आलोक विपिन टोप्पो मुजाहिद आलम , राशिद इकबाल अल्ताफ अंसारी, रणधीर कौशिक एवं निजी स्कूल के संचालक एवं शिक्षक उपस्थित थे ।

इस अवसर पर वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान होना चाहिए समाज जो आगे बढ़ रहा है या बढ़ता है उसमें शिक्षकों का योगदान होता है अच्छे शिक्षकों के शिक्षा के वजह से ही बेहतर और शिक्षित समाज का निर्माण होता है शिक्षक तो बड़े-बड़े काम किए हैं साम्राज्य की स्थापना किये हैं देश का पहला साम्राज्य शिक्षक चाणक्य के कारण ही बना था । भगवान बुद्ध को भी शिक्षक कहा जाएगा ।

ऐसा पहल की सराहना होनी चाहिए और प्रतिवर्ष शिक्षकों को सम्मान मिलना चाहिए । सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाई होनी चाहिए लड़के को आगे बढ़ना चाहिए लेकिन आज के प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादातर प्राइवेट स्कूल के बच्चे सफल हो रहे हैं । पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने कहा कि 2011 में पासवा की स्थापना हुई थी तभी से संगठन द्वारा शिक्षकों और विद्यार्थियों का प्रोत्साहन के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है इसके माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को पासवा सम्मानित करती है और उनका हौसला अफजाई करती है आज का यह कार्यक्रम निश्चित रूप से ऐतिहासिक है और झारखंड में शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान करेगा । जो शिक्षक सम्मानित हो रहे हैं वह बेहतर समाज का निर्माण करेंगे ।


पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि करोना के संकट काल के बाद यह दूसरा ऐसा अवसर है जब इतने बड़े मंच से शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है । आज जो शिक्षक यहां से सम्मानित होकर जाएंगे और उत्साह के साथ आगे बच्चों को पढ़ाएंगे । यह आज सोचने का विषय है कि निजी विद्यालयों के शिक्षकों का योगदान इस समाज में जितना है शायद उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है । सीमित संसाधन में वह हमारे बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं , शिक्षकों के कारण आज हमारे बच्चे सभी क्षेत्र में जा रहे हैं आज सरकार को भी निजी विद्यालयों के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता है । निजी विद्यालयों को भी सरकार से सहयोग मिलना चाहिए ।

शिक्षकों के द्वारा शिक्षा में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कितनी बड़ी चुनौती विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए रिनपास के निदेशक डॉ जयंती सिमलाई ने कहा कि इसका व्यापक असर बच्चों में हो रहा है उन्होंने कहा कि इंटरनेट से कई जानकारियां हमें मिल रही है इसका सदुपयोग भी हो रहा है लेकिन अभिभावकों को हमेशा ही बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता है और बिना काम के उनके हाथों में मोबाइल नहीं दिया जाना चाहिए सोने सोने के वक्त कमरे से फोन को दूर रख रखना चाहिए उन्होंने स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी कई सुझाव उपस्थित लोगों को दिया समारोह को संबोधित करने वालों में आर्य ज्ञान प्रचार समिति के निदेशक एलआर सैनी, पद्मश्री मुकुंद नायक, डॉ राजेश गुप्ता,लाल किशोर नाथ शाहदेव,अरविंद कुमार, डॉ सुषमा केरकेट्टा, मुजाहिद आलम आदि प्रमुख है । इस अवसर पर अनीश अहमद , अमीन अंसारी , मेहुल दुबे,माजिद अंसारी,नीरज सहाय, मुमताज आलम मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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