बोले स्पीकर रविंद्र नाथ महतो, रोज-रोज टी-शर्ट पहनकर आना ठीक नहीं

बजट सत्र : भाजपा विधायकों से बोले स्पीकर रविंद्र नाथ महतो
रोज-रोज टी-शर्ट पहनकर आना ठीक नहीं


रांची। बजट सत्र में विधानसभा के दूसरे चरण के नौंवे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नियोजन नीति के मुद्दे पर सदन में हंगामा शुरू कर दिया। सदन की कार्यवाही 11.07 बजे में शुरू हुई और 11.09 बजे ही भाजपा के विधायक वेल में पहुंच गए। स्पीकर रविंद्र नाथ महतो ने कहा कि भाजपा विधायक रोज-रोज टीशर्ट पहनकर सदन में आ जा रहे हैं। यह ठीक नहीं है। इसपर भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि 4 दिन से नियोजन नीति पर भाजपा विधायक मुख्यमंत्री का जवाब मांग रहे हैं।
चलते सदन में राज्य की जनता की नजर विधानसभा पर होती है। राज्य में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है, जब सदन चल रहा है उस दौरान कैबिनेट से नियोजन नीति लाया गया। पहले तो यह लाना नहीं चाहिए था और अगर लाए हैं तो उस पर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही है। इसके बाद भाजपा के विधायक 1932 का क्या हुआ के नारे लगाने लगे। विपक्ष के हंगामे के कारण स्पीकर ने विधानसभा के लाइव प्रसारण को बंद करने का निर्देश दिया। स्पीकर इस दौरान भाजपा विधायकों से सदन की मयार्दा को बनाए रखने का आग्रह करते रहे। उन्होंने कहा कि अगर आप सदन की कार्यवाही को छिछला बनाना चाहते हैं तो हमको कोई तकलीफ नहीं है। सदन को चलाने में सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका समान है। अगर आप चाहते हैं कि देश के दूसरे विधानस•ाा की तरह आप भी यहां करें तो यह ठीक नहीं है। अगर भाजपा विधायक सदन नहीं चलाना चाहते हैं तो कहें हम सदन की कार्यवाही को बंद कर देते हैं।


नियोजन नीति पर भाजपा का विरोध जारी
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन भी भाजपा का नियोजन नीति पर विरोध जारी है। भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर नियोजन नीति के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। विधायक अमर बाउरी ने कहा कि राज्य सरकार ने रोजगार के नाम पर युवाओं के साथ खिलवाड़ किया है। यह सरकार 1932 खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने के वादे को लेकर सत्ता में आई है, लेकिन अब तक स्थानीय और नियोजन नीति पर इनका स्टैंड क्लियर नहीं है। मीडिया में 60, 40 की खबरें आ रही हैं, आखिर यह है क्या। जब तक मुख्यमंत्री सदन के अंदर खड़े होकर इसका जवाब नहीं देंगे, भाजपा सदन के अंदर और बाहर नियोजन के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करते रहेगी।

सरयू ने सदन में उठाया आम्रपाली खदान से ओवरलोडिंग और कोयला चोरी का मामला
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण का आज 9वां दिन है। सदन में विधायक सरयू राय ने अल्पसूचित प्रश्न के तहत आम्रपाली खदान से ओवरलोडिंग के जरिए कोयला चोरी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर 2021 को खान निदेशक के आदेश से आम्रपाली खदान से शिवपुरी रेल साइडिंग तक कोयला परिवहन में अनियमितता की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन किया गया था। जिसमें जिला परिवहन पदाधिकारी सदस्य थे। समिति ने जांच रिपोर्ट में कहा था कि 7 दिनों के भीतर इसपर रोक लग जायेगी। लेकिन साल भर से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसपर कोई करवाई नहीं की गयी। अभी भी आम्रपाली खदान से ओवरलोडिंग और कोयले की चोरी जारी है। सरयू ने पूरे मामले की जांच विधानसभा की कमिटी से कराने की मांग की
सरकार की ओर से जवाब देते हुए परिवहन मंत्री चंपईई सोरेन ने कहा कि ओवरलोडिंग और कोयले की चोरी के खिलाफ कर्रवाई हुई है और यह लगातार जारी है। आम्रपाली खदान से ओवरलोडिंग ना हो, इसके लिए जिला प्रशासन, परिवहन और खान विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहा है। मंत्री के जवाब पर विधायक पूरक प्रश्न पूछते इससे पहले ही स्पीकर ने विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 12.30 तक स्थगित करते हुए इस प्रश्न को अगले दिन के लिए पुट कर दिया।

त्रुटियों को दूर कर राजकीय डिग्री कॉलेज में शीघ्र शुरू हो पढ़ाई : डॉ . लंबोदर महतो
रांची। गोमिया विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने बोकारो जिले के गोमिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गोमिया प्रखंड में विगत कई वर्षों से बनकर तैयार राजकीय डिग्री कॉलेज की त्रुटियों का निराकरण करते हुए डिग्री कॉलेज का उद्घाटन करने व आगामी शैक्षणिक सत्र से शिक्षण कार्य प्रारंभ करने की मांग की है। उन्होंने यह मांग आज झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में की है। उन्होंने कहा यह डिग्री कॉलेज का भवन विगत कई वर्षों से बनकर तैयार है जिसमें प्राक्कलन अनुरूप गुणवत्ता पूर्वक कार्य नहीं है जिसका उजागर राज्यपाल द्वारा गठित समिति द्वारा भी हुआ है तथा कई त्रुटियों का निराकरण नहीं होने के कारण भवन का उद्घाटन नहीं हो पाया है तथा शैक्षणिक सत्र अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। जिसके कारण हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। हमारा सदन के माध्यम से सरकार से यह मांग है कि उक्त त्रुटियों का निराकरण करते हुए डिग्री महाविद्यालय का उद्घाटन करते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र से शिक्षण कार्य प्रारंभ कराया जाय और निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदक एवं दोषी पदाधिकारियों का चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्रवाई करने की जाए ।

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