गुमला में सामाजिक मुद्दों पर उठी आवाजें
गुमला जिले के बसिया प्रखंड की एक दिव्यांग महिला, मीना कुमारी, ने अपने लाल राशन कार्ड को बीपीएल श्रेणी में बदलने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि वह एक आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूर परिवार से हैं, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त खाद्यान्न की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उपायुक्त ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को जांच करने और पात्रता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
सड़क और पेयजल सुविधाओं की कमी
रायडीह प्रखंड के कीज्जा पंचायत के गांवों जैसे नवाटोली, आंवरालोंगडा, बुचीडाही और गलगुटरी में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सड़क और पेयजल सुविधाओं की मांग की है। इन गांवों की लगभग एक हजार आदिवासी आबादी को मूलभूत सुविधाओं का अभाव महसूस हो रहा है, जिससे विशेषकर वर्षा ऋतु में आवागमन में कठिनाई होती है। इसके अलावा, खराब पड़े चापाकलों के कारण पेयजल संकट भी एक गंभीर समस्या बन चुकी है।
इस आवेदन में शहीद सीआरपीएफ जवान स्वर्गीय पूर्णिमा मुंडा के गांव में भी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्थल निरीक्षण करने और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, ताकि योजनाओं की व्यवहार्यता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
