हजारीबाग में प्रदूषण से प्रभावित खेती और स्वास्थ्य
हजारीबाग जिले के ग्रामीणों ने कोयले और आयरन डस्ट के कारण अपने कृषि कार्यों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि वर्षों से उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिसके चलते उन्हें वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान बताते हैं कि हर बार जब वे फसल उगाते हैं, तो पैदावार खराब हो जाती है। यहां तक कि अगर फसल तैयार भी हो जाए, तो उनके गांव का नाम सुनकर बाजार में उनकी फसल को उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
ग्रामीणों ने प्रदूषण के कारण बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं की भी शिकायत की है। सांस से संबंधित समस्याओं के साथ ही अन्य कई स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि फैक्ट्रियों में प्रभावशाली फिल्टर सिस्टम की कमी के कारण धुआं सीधे वातावरण में छोड़ दिया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।