रांची: छोटानागपुर रॉयल्स ने झारखंड प्रीमियर लीग 2026 का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच में छोटानागपुर रॉयल्स ने जमशेदपुर स्टीलर्स को 7 विकेट से हराया। यह मुकाबला रांची के JSCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हुआ। झारखंड टी-20 लीग के इस फाइनल में एक बड़ी घटना घटने से बच गई। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुँचे थे, लेकिन एंट्री की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई। इसके परिणामस्वरूप नॉर्थ, वेस्ट और साउथ गेट पर अफरातफरी मच गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना में लगभग 22 लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आईं।
फ्री एंट्री और अफवाहों के चलते बढ़ी भीड़, बैरिकेडिंग टूटी
फाइनल मैच के लिए दर्शकों के लिए एंट्री फ्री रखी गई थी। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली कि दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी स्टेडियम में आ सकते हैं, जिससे लोगों की संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक बढ़ गई। स्टेडियम के बाहर शाम से ही भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में दर्शकों को नॉर्थ गेट से अंदर भेजा जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे संख्या बढ़ी, लोगों को दूसरे गेटों की ओर जाने के लिए कहा गया। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई और हजारों लोग एक साथ घुसने की कोशिश करने लगे, जिससे हालात बेकाबू हो गए। कई दर्शकों ने आरोप लगाया कि स्टेडियम में चार एंट्री गेट होने के बावजूद केवल एक गेट का अधिक उपयोग किया गया। जब भीड़ बढ़ी, तो कुछ समय के लिए गेट बंद कर दिए गए, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क गया। नाराज दर्शकों की धक्का-मुक्की से बैरिकेडिंग भी टूट गई। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कई युवक स्टेडियम की ऊंची दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए। भगदड़ के दौरान कई लोगों की चप्पलें और जूते मौके पर ही छूट गए, और स्टेडियम के भीतर और बाहर सामान बिखरा पड़ा था।
इस घटना में पुरुषों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी घायल हुए। घायलों को तुरंत राज अस्पताल, पारस अस्पताल और रांची सदर अस्पताल भेजा गया। कई लोगों का प्राथमिक उपचार स्टेडियम परिसर में ही किया गया। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने मीडिया को बताया कि सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की कई टीमें मौके पर भेजी गईं। देर रात तक घायलों को अस्पताल पहुँचाने का कार्य जारी रहा। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति स्थिर है, हालांकि एक लड़की को गंभीर चोट लगने के कारण उसे निगरानी में रखा गया।
JSCA अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव का बयान
JSCA के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने कहा कि फाइनल मुकाबले में अचानक उमड़ी भीड़ के कारण ऐसी स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि 10 जून से लीग के मैच चल रहे थे, लेकिन इससे पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में दर्शक नहीं आए थे। आयोजन समिति के सदस्य कमल ने कहा कि दर्शकों की संख्या अचानक बढ़ने से स्थिति कुछ समय के लिए असामान्य हो गई थी, लेकिन बाद में भीड़ को नियंत्रित कर लिया गया और मैच का आयोजन सामान्य रूप से जारी रहा।
