रांची: मंगलवार को रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में झारखंड प्रीमियम लीग (JPL) के फाइनल मैच के दौरान भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। हजारों क्रिकेट प्रशंसक मैच देखने के लिए पहुंचे, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने स्थिति को गंभीर बना दिया। अपेक्षा से कहीं अधिक दर्शक स्टेडियम में पहुंच गए थे, जबकि सुरक्षा व्यवस्थाएं बेहद कमजोर थीं।
स्टेडियम के पश्चिमी दरवाजे पर अचानक अफरा-तफरी मच गई, जिसके परिणामस्वरूप भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। इस अव्यवस्था से गुस्साए दर्शकों ने बाद में गेट को तोड़ने की कोशिश की।
गोलू नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि मैच शुरू होने से पहले हजारों लोग एक साथ अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेड्स थे और न ही पर्याप्त पुलिसकर्मी। इस धक्का-मुक्की में बच्चे, महिलाएं और युवा गंभीर रूप से घायल हो गए।
8 लोग गंभीर रूप से घायल, लड़की की हालत गंभीर
इस हादसे में कम से कम 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घटना के तुरंत बाद 5 घायलों को राज अस्पताल, 2 को सदर अस्पताल और 1 को पारस अस्पताल भेजा गया। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश घायल अब खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक लड़की के पेट में गंभीर चोट आई है, जिसके कारण उसे चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा गया है।
सुरक्षा के इंतजाम पूरी तरह चौपट
इस घटना ने रांची पुलिस और स्टेडियम प्रशासन की तैयारी पर सवाल उठाए हैं। सभी को पता था कि फाइनल मैच है और भारी भीड़ आएगी, फिर भी सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। राज, एक दर्शक, ने कहा कि यदि गेट पर एंट्री को सही तरीके से नियंत्रित किया जाता और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अस्पताल प्रशासन अलर्ट
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही 5 एंबुलेंस (108) को स्टेडियम भेजा गया। रात साढ़े 11 बजे तक अलग-अलग अस्पतालों में 8 घायलों को भर्ती किया जा चुका था। उन्होंने चेतावनी दी कि देर रात तक कुछ और घायल लोग भी अस्पताल पहुंच सकते हैं। अस्पताल प्रशासन इस स्थिति के लिए तैयार है।
बड़े आयोजनों पर उठे सवाल
इतने बड़े स्तर के क्रिकेट मैच में हुई इस अव्यवस्था ने प्रशंसकों को निराश किया है। लोगों का कहना है कि जो फैंस खुशी-खुशी मैच देखने आए थे, उन्हें अस्पताल पहुंचना पड़ा।
