पाकिस्तानी युवती ने भारत के मुलायम सिंह यादव से की शादी

कराची। एक पाकिस्तानी युवती इकरा ने कभी नहीं सोचा नहीं कि आॅनलाइन गेम लूडो की बाजी में वह इस तरह अपनी दिल हार बैठेगी। और दिल भी हारी तो किससे एक भारतीय से। दिल के हाथों मजबूर होकर इकरा पहले दुबई और फिर वहां से नेपाल के रास्ते होते हुए बेंगलुरु पहुंची।

किसी फिल्मी कहानी के जैसा दिलचस्प, लेकिन दुखद यह किस्सा इकरा के चाचा ने बताया कि उसने भारत जाने के लिए हवाई टिकट के लिए गहने बेचे और दोस्तों से पैसे उधार लिए।

इकरा को पिछले महीने बेंगलुरु से बरामद किया था, जहां वह हिंदू युवक मुलायम सिंह यादव के साथ रही थी, जो अब जेल में है। लड़की को रविवार को बाखा सीमा पर पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। दोनों आॅनलाइन मिले और प्यार हो गया और बाद में शादी करने का फैसला किया। इसके बाद कुछ महीने नेपाल पहुंची और वहां दोनों ने शादी की।

यह रोचक कहानी पिछले साल सितंबर में शुरू हुई जब इकरा कॉलेज जाने के बाद लापता हो गई। इकरा से बात नहीं हो पाई, लेकिन उसके पिता सोहेल जीवानी ने कहा कि मामला अब हमेशा के लिए बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि हमें अभी भी नहीं पता कि अकेले भारत जाने की हिम्मत उसमें कहां से आई। वह हमेशा से बहुत शर्मीली लड़की रही है।
परिवारवालों ने कहा कि उसने यह लंबी और खतरनाक यात्रा इसलिए की, क्योंकि उसे एक भारतीय शख्स से प्यार हो गया था, जिसे वह एक मुस्लिम सॉफ्टवेयर इंजीनियर समीर अंसारी समझती थी।

अंसारी असल 26 वर्षीय मुलायम सिंह यादव था, जो बेंगलुरु में सुरक्षा गार्ड का काम करता था। इकरा की उससे पहचान आॅनलाइन लूडो गेम खेलने के दौरान हुई थी।

मुलायम यादव ने इकरा का नाम बदलकर रवा करने के बाद उसके लिए आधार कार्ड भी बनवाया और बाद में उसने भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। अफजल ने कहा कि लेकिन हम उसे बरामद करने और इस खौफनाक अध्ययाय को समाप्त करने में हमारी मदद करने के लिए पाकिस्तान और भारत सरकार के शुक्रगुजार हूं। युवती पाकिस्तान लौटने के बाद से लगातार माफी मांग रही है।

जीवानी परिवार का दक्षिणी सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर के शाही बाजार में व्यवसाय है। परिवार के लोगों ने कहा कि इकरा को बेंगलुरु पहुंचने और यादव से मिलने के बाद अपनी गलती का एहसास हुआ, क्योंकि उसने व्हाटसऐप पर अपनी मां को सब कुछ बताने के लिए फोन शुरू कर दिया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिवार ने उन्हें फोन के बारे में सूचित किया और उन्होंने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के साथ संपर्क किया, जिसने लड़की को खोजने और बरामद करने में मदद करने के लिए अपने भारतीय समकक्षों से संपर्क किया।

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