नई दिल्ली: आईसीसी टी20 विश्व कप से पहले पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। बांग्लादेश के संदर्भ में पीसीबी ने भारत के खिलाफ बयानबाजी में कोई कमी नहीं छोड़ी, लेकिन आईसीसी के सख्त प्रवृत्तियों के चलते पाकिस्तान के हौसले कमजोर हो गए हैं।

कभी बहिष्कार की धमकी, कभी भारत के खिलाफ मैच से हटने की अफवाहें, और कभी राजनीतिक सलाह का इन्तजार। आखिरकार, इन सभी चर्चाओं पर विराम लग गया है। पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से यह घोषणा की है कि उनकी टीम टी20 विश्व कप में भाग लेगी और किसी भी मुकाबले से पीछे नहीं हटेगी।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने स्पष्ट किया कि टीम टी20 विश्व कप में प्रतिभाग करेगी। यह घोषणा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात के बाद की गई। नकवी ने पहले ही कहा था कि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री की सलाह के बाद ही लिया जाएगा। प्रधानमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के बाद उनकी और नकवी की बैठक में स्थिति को स्पष्ट किया गया।

भारत मैच को लेकर बढ़ी हलचल

कुछ दिन पहले पाकिस्तानी मीडिया में खबरें थीं कि पाकिस्तान पूरे टूर्नामेंट का बहिष्कार नहीं करेगा, लेकिन भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले से हट सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाएगा। इन खबरों ने क्रिकेट जगत में चिंता बढ़ा दी थी और मैच के भविष्य पर सवाल उठने लगे थे।

आईसीसी के सख्त रुख से बदला माहौल

जैसे ही बहिष्कार की चर्चाएं तेज हुईं, आईसीसी ने भी सतर्कता बरती। संकेत मिले कि उचित कारण के बिना किसी एक मैच का बहिष्कार करने पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। आईसीसी के इस कड़े रुख ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को विचार करने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद पीसीबी ने टकराव के विकल्प के बजाय टूर्नामेंट में भागीदारी का रुख अपनाया।

टी20 विश्व कप का पूरा कार्यक्रम

टी20 विश्व कप की शुरुआत 7 फरवरी से होने जा रही है। पहले दिन भारत और पाकिस्तान अपनी-अपनी शुरुआती मुकाबलों में उतरेंगे। दोनों टीमों के बीच बहुप्रतीक्षित मैच 15 फरवरी को खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल 8 मार्च को होगा। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस आयोजन में दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।