बुजुर्ग ने तेंदुए से की लड़ाई, गंभीरावस्था में रिम्स रेफर

पलामू जिले के सतबरवा में एक अधेड़ ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। रविवार की सुबह में एक मादा तेंदुआ तथा तेंदुए के दो शावकों से भिड़ंत के बाद वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। जिसे मेदिनीनगर के एमएमसीएच से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है।

बताया जाता है कि घोरही स्थित अपने बेटी के घर से रविवार के सुबह 5:30 बजे के करीब साइकिल पर सवार होकर पोलपोल पंचायत के डुबलगंज गांव के परमेश्वर सिंह ( 50) अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बारी और करमा सीवाना के मलय नहर पर एक तेंदुआ के द्वारा हमला कर दिया गया। इस दौरान करीब 20 मीटर तक मादा तेंदुआ तथा उसके दो शावक से परमेश्वर करीब15 मिनट तक लड़ता रहा।जिसका निशान भी धटनास्थल पर मौजूद हैं।

डुबलगंज गांव के सकलदीप सिंह, बबलू सिंह, गुड्डू सिंह अनिल कुमार सिंह ,कमरुद्दीन खान ने बताया कि तेंदुआ से बुरी तरीके से घायल हो चुके परमेश्वर गड्ढा में छलांग लगाकर अपनी जान बचाने में कामयाब हुए। सिर पर हिंसक जानवर के प्रहार से मांस का लोथड़ा निकल चुका है। पैर में कटे-फटे के निशान है। ग्रामीण बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर भी ले गए थे।

इधर कुंदरी रेंज अंतर्गत पडने वाले पोलपोल बीट के अंतर्गत वन विभाग और उड़नदस्ता की टीम घटनास्थल का मुआयना किया। जानवर के पैरों के निशान का पदचिन्ह एकत्र किया।घटनास्थल पर खून से सने चप्पल को देखा तथा आसपास में तेदूएं और बुजुर्ग के बीच हुए झड़प के निशान की पृष्टि की।

वनपाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया जंगली जानवर तेंदुए के पद चिन्ह प्रतीत होते हैं। जांच के लिए विभाग के एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा। जख्मी परमेश्वर के परिजनों को अस्पताल में जाकर 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई है। घटना के बाद दर्जनभर गांव में भय का माहौल  है। जगह जगह पर इकट्ठे होकर जंगली जानवर के द्वारा हिंसा के शिकार व्यक्ति के आश्रित को नौकरी तथा 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग वन विभाग से की है।

ग्रामीणों के अनुसार  तेंदुए का डेरा फिलहाल बारी गांव के पहाड़ पर हो सकता है। उसी और से शावक और तेंदुआ के पैर का निशान मिला है। वन विभाग जगह-जगह ट्रैप कैमरा लगाए तथा शाम होने पर उजाला करने की व्यवस्था की भी मांग शामिल  है।

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