बिहार में नई सरकार के गठन की हलचल
पटना। बिहार विधानसभा चुनावों के बाद एनडीए गठबंधन ने जीत हासिल की थी, जिसके परिणामस्वरूप नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया। हाल ही में नीतीश कुमार ने राज्यसभा में प्रवेश किया है, और अब भाजपा के सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है। पिछले महीने भाजपा के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ, जिसमें सम्राट चौधरी पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं।
कैबिनेट में जदयू के दो नेता शामिल
वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट में जदयू के केवल दो वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद शामिल हैं, जिन्हें उपमुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त किया गया है। कल सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है, जिसमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्री पद की शपथ लेंगे।
जदयू ने मांगे 16 मंत्री पद
बिहार में कैबिनेट विस्तार से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी नई सरकार में 16 मंत्री पद की मांग कर रही है। उनका यह बयान महत्वपूर्ण है, खासकर जब कल मंत्रिमंडल के बड़े विस्तार की योजना बनाई जा रही है। भाजपा की प्रतिक्रिया क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में अधिकांश पुराने चेहरे ही रहेंगे।
निशांत ने पहले की थी जिम्मेदारी से इनकार
निशांत कुमार के अलावा, जदयू के कई अन्य विधायक भी मंत्री बनने जा रहे हैं, जिसमें भगवान सिंह कुशवाहा का नाम भी शामिल है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें मंत्री बनने के लिए संकेत दिए गए थे और अब निशांत भी मंत्री पद के लिए सहमति दे चुके हैं। हालांकि, पहले निशांत कुमार ने कहा था कि वे बिहार में भ्रमण करेंगे और तत्काल मंत्री बनने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन अब जदयू ने उन्हें मना लिया है और वे कल मंत्री पद की शपथ लेने के लिए तैयार हैं।
