पलामू में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई
पलामू जिले में अवैध खनन, बालू और पत्थर की गैरकानूनी खुदाई, बिना अनुमति के गाड़ियों से ढुलाई, और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। अब तक खनन विभाग ने 80 गाड़ियों को पकड़ा है और 24 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है। इसके अलावा, जिला परिवहन विभाग ने भी 60 गाड़ियां जब्त की हैं, जिससे करीब 9 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खनन विभाग की कार्रवाई का विवरण
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि खनन विभाग ने कुल 80 गाड़ियों को जब्त किया है, इसके साथ ही 4 FIR भी दर्ज की गई हैं। अब तक 24.19 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। इसी दौरान, जिला परिवहन कार्यालय ने 60 गाड़ियों को पकड़ा है और 8.91 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। हरिहरगंज में 6 गाड़ियां जब्त की गईं, जबकि सदर, मोहम्मदगंज और उंटारी रोड अंचल में कार्रवाई की कोई रिपोर्ट नहीं मिली।
अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त शेखावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से कार्रवाई की रिपोर्ट शून्य आई है, वहां के अधिकारियों को तुरंत सक्रिय होना चाहिए और नियमित छापेमारी अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के दौरान एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और सभी संवेदनशील बालू घाटों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जानी चाहिए।
खदानों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
हाल ही में हुसैनाबाद में एक बंद खदान में पानी भरने के कारण एक व्यक्ति की डूबकर मृत्यु हो गई थी, जिस पर उपायुक्त ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘माइंस क्लोजर रिपोर्ट’ का पूरी तरह से पालन किया जाए, ताकि खदानों को सुरक्षित तरीके से बंद किया जा सके।
अवैध खनन को रोकने के लिए उपाय
अवैध खनन के रास्तों को पूरी तरह से बंद करने के लिए उपायुक्त ने चिन्हित स्थानों पर अतिरिक्त गड्ढे खोदने, अस्थाई चेकपोस्ट को मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने, और रात के समय पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना ई-चालान और ओवरलोडिंग वाले वाहनों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इस बैठक में एसपी कपिल चौधरी सहित पुलिस, परिवहन, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
