दुखद सड़क हादसे के बाद बच्चों की सहायता के लिए अधिकारियों की पहल

चंदनकियारी प्रखंड के दुबेकांटा के समीप हाल ही में एक दुःखद सड़क दुर्घटना में एक दंपत्ति की मृत्यु हो गई, जिसके कारण उनके तीन छोटे बच्चों की ज़िंदगी में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पल्लवी, विमल मांझी और विधुत मांझी अब बिना माता-पिता के रह गए हैं। इस घटना की सूचना मिलने पर विधायक उमाकांत रजक, उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा समेत अन्य अधिकारियों ने बच्चों के घर जाकर उनकी स्थिति का जायज़ा लिया। अधिकारियों ने बच्चों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने बीडीओ और पंचायत सेवक को निर्देशित किया कि बच्चों को भोजन और अन्य आवश्यक चीजों की कमी न होने पाए, यह सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों के माता-पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों को प्राथमिकता से तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

विशेष कार्ययोजना के तहत काउंसलिंग और पढ़ाई का प्रबंध

उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और समग्र कल्याण के लिए किसी गैर सरकारी संस्था के माध्यम से एक विस्तृत कार्ययोजना विकसित की जाए। इसके अलावा, बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, जवाहर नवोदय तेनुघाट और नावाडीह स्थित आवासीय विद्यालयों में उनके नामांकन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने बच्चों के लिए बैंक खाते खोलने और मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को सुरक्षित रखने के लिए फिक्स डिपॉजिट कराने की दिशा में कार्रवाई करने की भी बात कही।