पश्चिम-सिंहभूम में जलमीनार की खराबी से पेयजल संकट
मनोहरपुर प्रखंड के गिंडुग गांव के रेड़ादिरी टोला में जनवरी से जलमीनार खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण लगभग 20 परिवारों को पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलमीनार के बंद होने से उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
सिंचाई कुएं का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
गांव के निवासी सावन विरगम ने बताया कि जलमीनार की खराबी के बाद सभी लोग सिंचाई कुएं का पानी पीने के लिए मजबूर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी और बारिश के मौसम में भी पानी की कमी से ग्रामीणों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें पेयजल के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित सिंचाई कुएं तक यात्रा करनी पड़ती है।
समस्या की जानकारी देने के बावजूद कोई समाधान नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के बारे में कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने मांग की है कि जलमीनार की शीघ्र मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति को बहाल किया जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके।
SAIL द्वारा गोद लिए गए गांव की स्थिति
गांव के एक अन्य निवासी सुखदेव विरगम ने कहा कि गिंडुग गांव को सेल (SAIL) द्वारा गोद लिया गया है, इसलिए यहाँ सीएसआर के तहत मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जलमीनार की मरम्मत जल्द नहीं की गई तो वे गिंडुग-पोंगा माइंस सड़क को जाम कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
