जेईई एडवांस्ड 2026 में जमशेदपुर के छात्रों की शानदार सफलता
जमशेदपुर: आईआईटी मद्रास द्वारा आयोजित जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणामों में जमशेदपुर के छात्रों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मानगो के मुकुल महतो ने ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 840 प्राप्त करके कोल्हान क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, बिष्टुपुर के सार्थक सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 1018वीं रैंक प्राप्त की है। इन दोनों छात्रों की उपलब्धियों ने न केवल जमशेदपुर, बल्कि पूरे झारखंड का नाम रोशन किया है।
मुकुल महतो की उपलब्धियां
मानगो के शंकोसाई रोड नंबर-5 के निवासी मुकुल महतो ने जेईई एडवांस्ड में 360 में से 222 अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता हिमांशु शेखर महतो चांडिल के अपग्रेडेड मिडिल स्कूल बंधुगोड़ा में शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां रीता सिन्हा राजनगर के एसएस प्लस टू हाईस्कूल में शिक्षिका हैं। शिक्षकों के परिवार में पले-बढ़े मुकुल को पढ़ाई के लिए एक स्वस्थ वातावरण मिला। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा साकची स्थित टैगोर एकेडमी से प्राप्त की और 12वीं कक्षा की पढ़ाई चिन्मया विद्यालय, टेल्को से की।
जेईई की तैयारी और भविष्य की योजनाएं
मुकुल ने साकची स्थित नारायणा कोचिंग से जेईई की तैयारी की। उनका सपना देश के शीर्ष पांच आईआईटी संस्थानों में से किसी एक से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना है। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें स्केचिंग और चित्रकारी का भी शौक है। उन्होंने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि वह कोचिंग के अलावा प्रतिदिन लगभग चार घंटे आत्म-अध्ययन करते थे। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास और नियमित रिवीजन उनकी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
सार्थक सिंह की सफलता
बिष्टुपुर के एम रोड निवासी सार्थक सिंह ने जेईई एडवांस्ड में 1018वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले, उन्होंने जेईई मेन्स में 1222वीं रैंक प्राप्त की थी। सार्थक ने एडवांस्ड परीक्षा में कुल 209 अंक प्राप्त किए, जिसमें केमिस्ट्री में 87, फिजिक्स में 70 और गणित में 52 अंक शामिल हैं।
परिवार और अध्ययन की दिनचर्या
सार्थक के पिता सोम कुमार शशि टाटा स्टील में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां पिंकी शशि गृहिणी हैं। उन्होंने डीएवी बिष्टुपुर से अपनी पढ़ाई की और उनका लक्ष्य आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स (ईसीएम) की पढ़ाई करना है। सार्थक ने बताया कि वह स्कूल और कोचिंग के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिदिन लगभग नौ घंटे अध्ययन करते थे। परीक्षा के अंतिम चरण में दबाव के कारण उनकी नींद घटकर चार घंटे रह गई थी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, ऑनलाइन क्लासेस और समय प्रबंधन को दिया। पढ़ाई के अलावा, उन्हें फिल्में देखने और पेंटिंग करने का भी शौक है।
झारखंड के विद्यार्थियों की उत्कृष्टता
जेईई एडवांस्ड में मुकुल महतो और सार्थक सिंह की शानदार सफलता ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि जमशेदपुर और झारखंड के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
