“खुश रहना हमारा स्वभाव है” : राजेंद्र गोराई
समापन समारोह के दौरान राजेंद्र गोराई ने कहा कि आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग तनाव, चिंता और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सुदर्शन क्रिया और प्राणायाम मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाने का एक प्रभावी साधन हो सकते हैं। उन्होंने आगे बताया, “खुश रहना हमारा स्वभाव है। हैप्पीनेस कोर्स हमें हर परिस्थिति में मुस्कुराने और सकारात्मक बने रहने का पाठ पढ़ाता है। नियमित साधना से व्यक्ति में नई ऊर्जा का संचार होता है और जीवन के प्रति उसका दृष्टिकोण भी बदलता है।”
डॉ. संध्या सिन्हा ने साधकों को दिया मार्गदर्शन
समापन समारोह में आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ प्रशिक्षक डॉ. संध्या सिन्हा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोर्स के पूरा होने के बाद साधना की निरंतरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने साधकों को सलाह दी कि वे स्थानीय प्रशिक्षकों के संपर्क में बने रहें और साधना, सेवा तथा सत्संग को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाएं। इससे कोर्स में सीखी गई बातें लंबे समय तक प्रभावी बनी रहेंगी।
अगले महीने फिर होगा हैप्पीनेस कोर्स
आर्ट ऑफ लिविंग जामताड़ा के जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर विजय भगत ने बताया कि लोगों के उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए अगले महीने एक और हैप्पीनेस कोर्स का आयोजन किया जाएगा। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक तनावमुक्त और खुशहाल जीवन का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तनाव के बीच ऐसे कार्यक्रम लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहे हैं।
आयोजन को सफल बनाने में कई लोगों की रही अहम भूमिका
इस पांच दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में इंदु प्रभा, रीना द्विवेदी, राम विनय सिंह, रीता घोष और छवि घोष सहित कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन से लेकर प्रतिभागियों की सुविधाओं तक सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संभाला गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण था। नए और पुराने साधकों ने मिलकर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के भजनों पर झूमते हुए सत्संग का आनंद लिया। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं और उपहारों का आदान-प्रदान भी किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ हुआ। समारोह में कई सदस्य मौजूद रहे।
