जामताड़ा में बालिका आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण

जामताड़ा के डीसी आलोक कुमार ने झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, करमाटांड़ का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और सुरक्षित माहौल प्रदान करना था। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन किया। डीसी ने स्पष्ट किया कि विद्यालय के संचालन में लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बच्चियों की शिक्षा तथा सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।

सप्ताह में निरीक्षण के निर्देश

उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार विद्यालय का औचक निरीक्षण करें। इस दौरान उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं को मेन्यू के अनुसार पोषणयुक्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया, यह कहते हुए कि बच्चों के स्वास्थ्य में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार

डीसी ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने और विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद, उपायुक्त ने विद्यालय के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, मेस, रसोई, स्टोर रूम और शौचालयों की स्थिति की जांच की। इसके साथ ही, उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर भी देखी।

छात्राओं की समस्याओं का समाधान

उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान छात्राओं से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। छात्राओं ने पानी की समस्या और खेल मैदान की कमी जैसी परेशानियों की जानकारी दी। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के समय प्रखंड विकास पदाधिकारी नूपुर कुमारी, अंचल अधिकारी चोनाराम हेंब्रम, विद्यालय की वार्डन और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।