अलकतरा घोटाले में ट्रांसपोर्टरों को मिली सजा
रांची में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने अलकतरा घोटाले से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में चार ट्रांसपोर्टरों को तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह चारों आरोपी विनय कुमार सिन्हा, आशीष मैती, राज कुमार राय और रंजन प्रधान हैं।
अदालत का निर्णय
इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति के गबन के आरोप सिद्ध हुए हैं। हालांकि, अदालत ने साक्ष्य के अभाव में तीन अधिकारियों – एसके दास, एसएम औरंगजेब और एनसी प्रसाद को दोष मुक्त कर दिया। यह निर्णय इस मामले की जटिलता को दर्शाता है, जिसमें ट्रांसपोर्टर्स की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही है।
घोटाले की पृष्ठभूमि
अलकतरा घोटाला कई वर्षों से चर्चा का विषय रहा है। इसमें सरकारी योजनाओं के तहत अलकतरा खरीदने और उसके ट्रांसपोर्टिंग में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। अदालत के इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रवैया अपनाने के लिए तत्पर है।
