नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर चर्चा में हैं। लंबे समय से टीम से बाहर रहने के बाद, शमी को 2027 के वनडे विश्व कप के लिए टीम में शामिल किए जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों के अनुसार, चयनकर्ता उनकी फिटनेस और घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन पर करीबी नजर रख रहे हैं। यदि सभी चीजें सही रहीं, तो शमी की टीम इंडिया में वापसी संभव है।

शमी की वापसी की संभावना में बढ़ोतरी

हालिया रिपोर्टों में बताया गया है कि बीसीसीआई के एक करीबी स्रोत ने बताया है कि शमी को टीम से बाहर नहीं माना जा रहा है। उनकी फिटनेस एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, लेकिन उनकी गेंदबाजी क्षमता पर किसी को संदेह नहीं है। सूत्रों के अनुसार, शमी का नाम नियमित रूप से चयन चर्चा में आता है।

ऐसे गेंदबाजों की विकेट निकालने की क्षमता में कोई शक नहीं होता। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में उन्हें टीम में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। उनके अनुभव और विकेट लेने की क्षमता को देखते हुए, 2027 के विश्व कप में भी उन्हें मौका मिल सकता है।

शमी का अंतिम मैच

मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी मैच 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में खेला था। उस टूर्नामेंट में उन्होंने 9 विकेट लिए, जिसमें पहले मैच में पांच विकेट भी शामिल थे। इसके बाद उनकी फिटनेस और फॉर्म के कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। मीडिया ने कई बार उनकी फिटनेस पर सवाल उठाए हैं, जबकि शमी ने स्वयं कहा था कि वे पूरी तरह से फिट हैं।

अब 2026 के टी20 विश्व कप के बाद भारत का ध्यान वनडे क्रिकेट पर केंद्रीत होगा। ऐसे में, जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए अनुभवी गेंदबाज शमी की आवश्यकता हो सकती है।

2027 के विश्व कप में शमी की भूमिका

2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में होगा, जहां तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है। शमी का अनुभव यहां टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वे पहले भी बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए मैच-विनर साबित हो चुके हैं। यदि उन्हें न्यूजीलैंड सीरीज में मौका मिलता है और वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनकी विश्व कप के लिए जगह सुनिश्चित हो सकती है।

अगरकर का बयान

भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने मोहम्मद शमी पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने शमी की फिटनेस पर संदेह जताया था और कहा था कि फिटनेस के कारण उन्हें टीम में नहीं लिया गया है। हालांकि, शमी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया। अब सवाल यह है कि क्या शमी को लेकर अगरकर और बीसीसीआई के बीच कोई मतभेद है?