धनबाद। धनबाद-सिंदरी पैसेंजर डिरेल हो गई है…. घंटी बजते ही रेलवे में भगदड़ सी मच गई। घटना सुबह 9:40 पर हुई थी। इस वजह से ज्यादातर अधिकारी घर से निकलने की तैयारी में थे। बिना समय गंवाए रेल अफसर घटनास्थल पर पहुंचने लगे।
सिंदरी पैसेंजर इतनी बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हुई थी कि एक कोच दूसरे के ऊपर चढ़ गया था। चंद मिनटों में रेलवे कर्मचारियों की पूरी फौज राहत कार्य में लग गई। रेल दुर्घटना की खबर मिलते ही एनडीआरएफ नौवीं बटालियन पटना के बिहटा की टीम भी पहुंच गई। अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ।
आपात खिड़की काट कर रेल कर्मचारी अंदर घुसे और घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से तुरंत अस्पताल भेजा गया। एक घंटे 25 मिनट बाद दिन के 11:05 पर स्थिति सामान्य हुई। चाैंकिए मत, ऐसी कोई रेल दुर्घटना धनबाद में नहीं हुई है।
दरअसल, रेलवे, जिला प्रशासन और एनडीआरएफ का माक ड्रिल था। भगवान न करे ऐसी कोई दुघर्टना हो, पर अगर हो जाए तो रेलवे को कितनी जल्दी और क्या-क्या तैयारियां करनी होगी इसे लेकर माक ड्रिल का आयोजन किया गया था। धनबाद स्टेशन के दक्षिणी छोर पर रेल दुर्घटना जैसी वास्तविक स्थिति बनाकर ट्रेन के अंदर फंसे यात्रियों को राहत पहुंचाने समेत अन्य जरूरी गतिविधियों का पूर्वाभ्यास किया गया।
माक ड्रिल के दौरान चार यात्री घायल हुए। आठ यात्रियों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सिंदरी तक नहीं जा सकी और इस वजह से 20 यात्रियों को रिफंड के पैसे लौटाए गये। पूरे अभियान में रेल अधिकारी, कर्मचारी, स्काउट एंड गाइड के साथ एनडीआरएम नौवीं बटालियन, अग्निशमन विभाग व जिला पुलिस की सक्रिय भागीदारी रही। माक ड्रिल के लिए पटना से आई एनडीआरएफ नौवीं बटालियन के साथ डीआरएम कमल किशोर सिन्हा ने समन्वय बैठक भी की। इस दौरान सभी विभागों ने अपनी तैयारी व उपलब्ध संसाधनों की जानकारी साझा की। एनडीआरएम नेकई सुझाव भी दिए।
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