धनबाद : झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर 17 अप्रैल 2026 को एक अधिसूचना जारी की है। इस बार की जनगणना पहले से अधिक विस्तृत और आधुनिक होगी। सरकार ने 33 सवालों का एक प्रारूप तैयार किया है, जिसका उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर, सुविधाओं और बुनियादी जरूरतों की सटीक जानकारी प्राप्त करना है।

जनगणना कर्मी अब केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे घर-घर जाकर लोगों के रहन-सहन, आवासीय स्थिति और दैनिक जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी इकट्ठा करेंगे। इसमें भवन संख्या, मकान का प्रकार, दीवार, छत और फर्श के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, मकान की स्थिति और उसके उपयोग से संबंधित प्रश्न शामिल होंगे।

इसके अतिरिक्त, परिवार से जुड़े सवालों में परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार प्रमुख का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग (अनुसूचित जाति/जनजाति आदि) की जानकारी भी ली जाएगी। मकान के स्वामित्व, उपलब्ध कमरों की संख्या और परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या जैसे पहलुओं को भी रिकॉर्ड किया जाएगा।

जनगणना में बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उमेश लोहरा ने बताया कि इस बार जनगणना में लोगों की बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह जानने के लिए सवाल पूछे जाएंगे कि पेयजल का मुख्य स्रोत क्या है, पानी की उपलब्धता कैसी है, घर में शौचालय है या नहीं, उसका प्रकार क्या है, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कैसी है और स्नानघर की उपलब्धता है या नहीं। इसके साथ ही रसोईघर की स्थिति, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता और खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य ईंधन की जानकारी भी जुटाई जाएगी। घर में प्रकाश का मुख्य स्रोत क्या है, रेडियो/ ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, साइकिल, मोटरसाइकिल या अन्य संसाधनों की उपलब्धता जैसी जानकारियाँ भी दर्ज की जाएंगी।

जिला सांख्यिकी अधिकारी के अनुसार, इन 33 सवालों के माध्यम से सरकार को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का विस्तृत डेटा प्राप्त होगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है और किन योजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

विकास की नई योजना का आधार

सरकार का मानना है कि इस बार की जनगणना केवल जनसंख्या का आंकलन नहीं करेगी, बल्कि यह विकास की नई योजना तैयार करने का आधार भी बनेगी। एकत्रित आंकड़ों के आधार पर आवास, स्वच्छता, पेयजल, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।

1 मई से शुरू होगी जनगणना

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उमेश लोहरा ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया 1 मई से विधिवत रूप से शुरू होगी। धनबाद में लोग 1 मई से 15 मई तक सेल्फ एमिनेटर ऐप के माध्यम से अपना विवरण भर सकते हैं। इसके बाद, 16 मई से मकान सूचीकरण के लिए प्रगणक आपके घर पर पहुंचना शुरू कर देंगे। उनके कार्यों की निगरानी के लिए सुपरवाइजर भी मौजूद रहेंगे।