झारखंड में कांग्रेस कमेटी के गठन पर विवाद
रांची: झारखंड में कांग्रेस की नई प्रदेश कमेटी के गठन के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ गया है। राज्य के वित्त मंत्री ने इस कमेटी की संरचना पर सवाल उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि झारखंड की कमेटी का आकार अन्य राज्यों की तुलना में बहुत बड़ा है, जिससे संगठनात्मक असंतुलन और संसाधनों के उपयोग पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली की कांग्रेस कमेटियों का आकार अपेक्षाकृत छोटा है, जबकि झारखंड में सदस्यों की संख्या काफी अधिक है। इससे संगठन की कार्यक्षमता और बैठक की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे हैं।
संगठन के भीतर नाराजगी का बढ़ना
कमेटी के गठन के बाद पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया है कि इसमें कुछ नेताओं को अधिक महत्व दिया गया है, जबकि लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया गया है। इस स्थिति के कारण अंदरूनी गुटबाजी और असंतोष बढ़ गया है। पार्टी आलाकमान ने इस विवाद को गंभीरता से लेते हुए इसे राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) में चर्चा के लिए भेजने का निर्णय लिया है। जल्द ही इस मामले पर अंतिम निर्णय की संभावना जताई जा रही है। इस घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीतिक स्थिति में हलचल पैदा कर दी है। एक ओर संगठनात्मक सुधार की बात हो रही है, जबकि दूसरी ओर इसे गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
