झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज

रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। मतदान की तिथि के पास आते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। बुधवार को झारखंड विधानसभा के बाहर कांग्रेस के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेताओं ने धरना प्रदर्शन कर निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन को रद्द करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि नथवानी के नामांकन पत्र में तकनीकी खामियाँ हैं, इसलिए उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। रांची में विधानसभा परिसर के बाहर कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कई मंत्री और विधायक शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन होना चाहिए। यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने और उचित निर्णय लेने की अपील की।

नामांकन पत्र में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप

कांग्रेस का कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में तकनीकी गलतियाँ पाई गई हैं। इसी आधार पर पार्टी ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज की है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय चुनाव अधिकारी और निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार ही होगा। इस विवाद ने राज्य की राजनीति में चर्चा का एक नया विषय खड़ा कर दिया है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून 2026 निर्धारित की गई थी, और इसी दिन परिमल नथवानी ने अपना नामांकन पत्र जमा किया था। नामांकन के समय एनडीए के 20 विधायकों ने उनके प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए थे। नथवानी के चुनावी मैदान में आने से राज्यसभा चुनाव की प्रतिस्पर्धा और दिलचस्प हो गई है।

चुनावी गणित पर भी टिकी नजर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नामांकन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है। राज्यसभा चुनाव में संख्या बल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बाद, सभी की नजर चुनाव अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हुई है।

18 जून को होगा मतदान

झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान 18 जून को किया जाएगा। वोटिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना प्रारंभ कर दी जाएगी। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी। इस प्रकार, मतदान से पहले नामांकन को लेकर उत्पन्न हुआ यह विवाद राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।