पंजाब में राजनीतिक हलचल के बीच शादी की चर्चाएं

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के संसदीय दल में दरार और पंजाब में भगवंत मान सरकार पर राजनीतिक संकट के आसार के बीच, पंजाब के दो प्रमुख नेताओं की शादियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हाल ही में कहा कि अगर भगवंत मान मुख्यमंत्री नहीं बनते, तो उनकी दूसरी शादी नहीं होती। रंधावा ने यह भी स्पष्ट किया कि राघव चड्ढा की शादी तो होती, भले ही वह सांसद बनते या नहीं। उन्होंने कहा, “अगर भगवंत मान मुख्यमंत्री नहीं होते, तो वह दूसरी बार शादी नहीं कर पाते… राघव चड्ढा युवा हैं, उनकी शादी तो किसी न किसी से होनी थी, शायद अपनी वर्तमान पत्नी से नहीं।”

भगवंत मान की दूसरी शादी

भगवंत मान ने 7 जुलाई 2022 को डॉ. गुरप्रीत कौर से दूसरी शादी की। डॉ. कौर एक कुशल एमबीबीएस डॉक्टर हैं और हरियाणा के कुरुक्षेत्र क्षेत्र से हैं। दूसरी ओर, राघव चड्ढा ने बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से 24 सितंबर 2023 को उदयपुर में शादी की, जो उनके पार्टी छोड़ने के बाद की एक महत्वपूर्ण घटना है।

सौरभ भारद्वाज का बयान और राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया

रंधावा का बयान दिल्ली प्रदेश के AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की टिप्पणियों के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राघव चड्ढा की शादी केवल इसलिए संभव हुई क्योंकि उन्हें सांसद बनाया गया था। भारद्वाज ने यह भी कहा कि चड्ढा ने पार्टी को छोड़कर राज्यसभा की टीम को तोड़ने की साजिश की।

राघव चड्ढा के आरोप

राघव चड्ढा ने अपने वीडियो बयान में कहा था कि यदि कार्यस्थल का माहौल विषाक्त हो जाता है और कर्मचारियों को काम करने से रोका जाता है, तो उस स्थिति में छोड़ना सही निर्णय है। भारद्वाज ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि राजनीतिक दल विचारधारा पर आधारित होते हैं, न कि केवल कार्यस्थल की सुविधाओं पर। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का मतलब विचारधारा से सहमति होना है, न कि केवल व्यक्तिगत लाभ लेना।