चाईबासा : शिक्षा प्रणाली में हो रही कथित धांधली और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन शुरू किया है। गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त मनीष कुमार को सौंपा। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके पर दंडाधिकारी उपेंद्र कुमार और मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार उपस्थित थे।

संवाद की जगह दमनकारी नीति अपना रही सरकार

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग की कड़ी निंदा की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी समस्याओं पर आवाज उठाने का अधिकार है। इस स्थिति में सरकार को वार्ता के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए था, न कि लाठीचार्ज के द्वारा।

मुख्य बिंदु एवं प्रमुख मांगें

FIR वापसी : दिल्ली सहित पूरे देश में निर्दोष अभ्यर्थियों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी पुलिस मामलों (FIR) को तुरंत वापस लेने की मांग की गई।

कठोर कार्रवाई व पारदर्शिता : नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की जाए, तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

उच्चस्तरीय जांच : छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की गई।

युवाओं का भविष्य और मनोबल टूटा, मानसिक तनाव से जूझ रहे अभ्यर्थी : धर्मेंद्र

जिला प्रभारी धर्मेंद्र सोनकर ने चिंता जताते हुए कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। वर्षों की मेहनत के बावजूद छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, और कई युवाओं ने आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने पर मजबूर होने की बात कही है।

प्रशासनिक नाकामी और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली : रंजन

जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि प्रशासनिक विफलता और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली ने युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास पूरी तरह से हिला दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की। इस दौरान धर्मेंद्र सोनकर, रंजन बोयपाई और जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी पदाधिकारी मौजूद थे।