झारखंड में राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन किया

राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में भाजपा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अपने प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है। पार्टी ने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी का समर्थन करने का निर्णय लिया है। झारखंड भाजपा के अध्यक्ष प्रो आदित्य साहु ने जदयू, लोजपा, और आजसू के साथ-साथ भाजपा के लगभग एक दर्जन विधायकों को नाथवानी का प्रस्तावक बनने के लिए निर्देशित किया है। नाथवानी 8 जून को भाजपा के समर्थन से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे और वे रात 8:30 बजे तक दिल्ली से रांची पहुंचेंगे। जानकारी के अनुसार, नाथवानी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दिल्ली का दौरा किया, जहां उन्हें बताया गया कि उनकी पार्टी उनका प्रस्तावक नहीं बनेगी।

नाथवानी की जीत की संभावना बढ़ी

नाथवानी के निर्दलीय उम्मीदवार बनने के चलते अब उनकी जीत की संभावना मजबूत होती नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस को अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने में और चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इंडिया गठबंधन के नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बार-बार कांग्रेस से यही आग्रह किया था कि वह अपना प्रत्याशी न दे और झामुमो को दो उम्मीदवार खड़ा करने की अनुमति दे। हालांकि, झामुमो और कांग्रेस के बीच इस पर सहमति नहीं बन पाई है। वर्तमान में मुख्यमंत्री आवास पर इंडिया गठबंधन के सभी विधायकों की बैठक चल रही है, जिसमें कांग्रेस के पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और अजय शर्मा भी शामिल हैं।

राजनीतिक समीकरणों में बदलाव

परिमल नाथवानी के निर्दलीय प्रत्याशी बनने से विभिन्न दलों के विधायकों के बीच खुशी की लहर देखी जा रही है। भाजपा, झामुमो, राजद और अन्य दलों के नेताओं का मानना है कि भाजपा का समर्थन मिलने के बाद नाथवानी को सिर्फ चार मतों की आवश्यकता होगी, जो उनके लिए जुटाना आसान होगा। यह स्थिति राजनीति के रणनीतिकारों के अनुसार उनके लिए एक सरल कार्य बन गई है।