​रांची: झारखंड में अपराध की बढ़ती घटनाओं और गैंगस्टरों पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य में सक्रिय आपराधिक समूहों, उनके सरगनाओं और गुर्गों पर नकेल कसने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय द्वारा एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया जा रहा है। इस टीम की अगुवाई एक डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारी करेंगे, जैसा कि डीजीपी तदाशा मिश्रा ने निर्देशित किया है।
​इस विशेष टीम का प्राथमिक कार्य राज्य के प्रमुख और कुख्यात अपराधियों का विस्तृत डेटा (चिट्ठा) तैयार करना होगा। यह टीम न केवल अपराधियों की गतिविधियों पर डिजिटल माध्यम से नजर रखेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्राप्त गुप्त सूचनाओं के आधार पर विभिन्न जिलों की पुलिस के साथ मिलकर ठोस कार्रवाई भी करेगी।

​चुनिन्दा अधिकारियों की टीम में शामिल किया जा रहा है

​गैंगस्टरों के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए एसआईटी में पुलिस विभाग के सबसे सक्षम और तेज-तर्रार अधिकारियों को शामिल किया जा रहा है। इसमें डीएसपी के साथ-साथ इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी होंगे।
​यह टीम केवल अपराध की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क और उन्हें मिलने वाली आर्थिक सहायता (फंडिंग) का भी पता लगाएगी।
​इसके अलावा, पर्दे के पीछे से उनकी सहायता करने वाले सफेदपोशों और सहयोगियों की पहचान की जाएगी। पुख्ता सबूत जुटाकर सभी दोषियों को कठोर सजा दिलाने का कार्य किया जाएगा।

​क्यों जरूरी हुई यह सख्त कार्रवाई?

​हाल के महीनों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों से रंगदारी, हत्या और रंगदारी न देने पर गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आई हैं। विदेश में रहकर अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे प्रिंस खान जैसे कुख्यात अपराधी, साथ ही राहुल सिंह और राहुल दुबे जैसे गैंगस्टर व्यापारियों और कोयला कारोबारियों में डर फैलाकर रंगदारी का धंधा चला रहे हैं। इन पर नियंत्रण पाने के लिए एक सुव्यवस्थित और प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है।