रांची: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती पर कांग्रेस का बयान

महासचिव ने हाल ही में एक बयान में कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 2 रुपये प्रति लीटर की अचानक कटौती इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार के निर्णय बाजार की स्थितियों से नहीं, बल्कि चुनावी रणनीतियों से प्रभावित होते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकारी तेल कंपनियों जैसे कि इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में लगभग ₹81,000 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है, तब “अंडर-रिकवरी” का रोना क्यों रोया जा रहा है।

पेट्रोल-डीजल पर टैक्स वसूली का बोझ

महासचिव ने कहा कि 2014 से अब तक केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स के माध्यम से लगभग 38.89 लाख करोड़ रुपये की वसूली की है। इसका पूरा भार देश के आम नागरिकों पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का उपयोग आर्थिक नीति के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में किया है।