रांची : झारखंड में हाल ही में सामने आए ट्रेजरी घोटाले के मामले ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि यह घोटाला पशुपालन (फोडर) घोटाले से भी बड़ा हो सकता है, और इसकी गहन जांच आवश्यक है। बीजेपी के नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग की है। उनका मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो बड़ी मात्रा में वित्तीय अनियमितताएं छिपाई जा सकती हैं। पार्टी का आरोप है कि सरकारी खजाने से जुड़ी इस कथित गड़बड़ी में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और इसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की संभावना है। इसी कारण इसे फोडर घोटाले जैसी गंभीर घटना के साथ तुलना की जा रही है।
सरकार पर सवाल उठाना
बीजेपी ने राज्य सरकार पर भी तीखे सवाल दागते हुए कहा है कि इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और जांच की प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिसके चलते संदेह और बढ़ रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस मामले में CBI या ED द्वारा जांच की जाएगी या नहीं। इस समय यह मुद्दा झारखंड की राजनीतिक स्थिति में एक बड़ा विवाद बन चुका है और आने वाले समय में यह और भी गर्म हो सकता है।
