झारखंड में पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
झारखंड के रांची में हाल ही में हुई एक घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश के उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों की गिरफ्तारी न होना दुखद और शर्मनाक है। उन्होंने हत्या के प्रयास के मामले में उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज न करने को पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल बताया।
सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
नीलकंठ सिंह मुंडा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन सरकार के इशारे पर कुछ वर्ग विशेष से जुड़े दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार के गठन के बाद से एक विशेष वर्ग का मनोबल बढ़ गया है, जिसके कारण राज्य में ऐसी घटनाएं लगातार घट रही हैं। उनका मानना है कि सरकार और प्रशासन को निष्पक्षता से काम करना चाहिए, लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है।
पीड़ित परिवार की स्थिति
इस वारदात में पीड़ित परिवार का एकमात्र घर है, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पीड़ित परिवार के घर में घुसकर वर्ग विशेष के लोगों द्वारा मारपीट की गई, जो कि बेहद चिंताजनक है। इस प्रकार की घटनाओं से झारखंड के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा का माहौल प्रभावित हुआ है और स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बना हुआ है।
