राजधानी रांची में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस द्वारा अपनाई गई सक्रिय और तकनीकी विधियों का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। रांची पुलिस के पिछले डेढ़ वर्षों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि अपराध की घटनाओं में कमी आई है। यह सफलता एसएसपी राकेश रंजन की योजनाओं का परिणाम है, जिसके चलते अपराधियों की गतिविधियों में भी कमी आई है।

एसएसपी के नेतृत्व में रांची पुलिस की पूरी टीम अपराध मुक्त वातावरण बनाने के लिए जुटी हुई है। गंभीर अपराधों में गिरावट यह दर्शाती है कि अपराधों के नियंत्रण के लिए निरंतर गश्त, कठोर कार्रवाई, खुफिया निगरानी और जनसहभागिता की रणनीतियां प्रभावी साबित हो रही हैं।

अपराध में 19 प्रतिशत कमी

रांची पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में कुल 1495 गंभीर अपराध दर्ज किए गए थे। इसके बाद जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच यह संख्या 1525 रही। वहीं, वर्ष 2026 में 20 जून तक कुल 1233 मामले दर्ज हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि पिछले छह महीनों की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह गिरावट बेहतर कानून-व्यवस्था और पुलिस की प्रभावी कार्यशैली का संकेत है।

रांची पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, हत्या के मामलों में भी कमी देखने को मिली है। जनवरी 2025 से जून 2025 के बीच 76 मामले दर्ज हुए थे, जबकि जून 2025 से दिसंबर 2025 तक यह संख्या घटकर 62 पर आ गई। इसी प्रकार, जनवरी 2026 से जून 2026 तक केवल 66 हत्या के मामले दर्ज हुए हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के संदर्भ में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। छेड़खानी के मामलों में 44 से घटकर 34 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि बलात्कार के मामलों में भी मामूली कमी आई है, आंकड़ा 108 से घटकर 105 पर पहुंच गया है। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई और जागरूकता अभियानों को इस सकारात्मक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।

रांची पुलिस के कप्तान द्वारा तैयार की गई सुरक्षा योजना के अंतर्गत छिनतई के मामलों में भी कमी आई है। वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में 103 छिनतई की घटनाएं दर्ज हुई थीं, जबकि इस वर्ष यह संख्या घटकर केवल 64 रह गई है। लगभग 38 प्रतिशत की यह कमी, राजधानी में बढ़ी पुलिस की उपस्थिति और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का परिणाम मानी जा रही है।