पंजाब में आम आदमी पार्टी का सियासी संकट जारी
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए पंजाब में राजनीतिक संकट का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी को राज्यसभा में अपने सांसदों की बगावत के बाद अब लोकसभा में भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि पंजाब से AAP के दो लोकसभा सांसद भी पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं।
सांसदों की विदाई का खतरा
मजीठिया ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी में चल रही यह भगदड़ केवल उच्च सदन तक सीमित नहीं रहने वाली है। उनके अनुसार, पंजाब में AAP सरकार के कामकाज, नेतृत्व की अनदेखी और आंतरिक कलह के चलते अब लोकसभा के दो सांसद भी जल्द ही इस्तीफा देने की संभावना रखते हैं।
लोकसभा में AAP की स्थिति
2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब से आम आदमी पार्टी के केवल तीन सांसद संसद पहुंचे थे, जिनमें गुरमीत सिंह मीत हेयर, मलविंदर सिंह कंग और राज कुमार चब्बेवाल शामिल हैं। यदि मजीठिया का दावा सच साबित होता है और इन दो सांसदों ने इस्तीफा दे दिया, तो यह AAP के लिए लोकसभा में गंभीर नुकसान के समान होगा।
राज्यसभा में बगावत का प्रभाव
मजीठिया ने एक पोस्ट में लिखा, ‘एक और दिन, एक और विदाई की तैयारी… सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी के दो लोकसभा सांसद जल्द ही पार्टी छोड़ सकते हैं। ‘बार-बार सफर करने वालों’ की यह सूची बढ़ती जा रही है।’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब AAP अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। हाल ही में पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत की है, जिनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं।
पंजाब की भगवंत मान सरकार पर खतरा
बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य विपक्षी दल इस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यह भगदड़ AAP सरकार के पतन की शुरुआत है। मजीठिया ने यह भी कहा कि सांसदों के बाद अब बड़ी संख्या में AAP के विधायक भी पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं, जो भाजपा या अन्य दलों में शामिल हो सकते हैं।
फ्लोर टेस्ट की मांग
अकाली दल ने आरोप लगाया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जल्द ही अल्पमत में आ सकती है। इसके मद्देनजर, उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से विधानसभा में ‘फ्लोर टेस्ट’ (बहुमत परीक्षण) कराने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि ‘बदलाव’ का नारा देकर सत्ता में आई AAP की सरकार अब भ्रष्टाचार, कमजोर कानून-व्यवस्था और गुटबाजी का शिकार हो चुकी है, जिसके कारण उनके स्वयं के नेता “डूबते जहाज” से कूद रहे हैं।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने बगावत को खारिज करते हुए बागी नेताओं को ‘गद्दार’ करार दिया है। उनका कहना है कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, उनका कोई जनाधार नहीं था और पंजाब सरकार को विधायकों का पूरा समर्थन प्राप्त है। हालाँकि, 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह राजनीतिक अस्थिरता आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। यदि लोकसभा सांसदों के इस्तीफे की खबर सच साबित होती है, तो यह पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक दृष्टि से एक बड़ा नुकसान हो सकता है।
