नई दिल्ली:  U-19 टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा से ही विशेष रहता है। इस बार भी टॉस के समय माहौल में खटास देखी गई। बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मैच में पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ पहले गेंदबाजी करने का विकल्प चुना।

भारत ने पाकिस्तान पर ‘हैंडशेकर अटैक’ किया

भारत की टीम अब पहली बल्लेबाजी करेगी। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा टॉस के दौरान भारत के आयुष म्हात्रे और पाकिस्तान के फरहान यूसुफ के बीच ‘हैंडशेक’ न होने की रही। दोनों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया और न ही कोई सामान्य अभिवादन किया।

यह ‘नो हैंडशेक’ नीति भारत की तरफ से लगातार अपनाई जा रही है, जिसकी शुरुआत सीनियर टीम से हुई और अब यह U-19 स्तर तक पहुँच चुकी है। यह पहली बार नहीं है कि ऐसा हुआ है। पहलगाम अटैक जैसे घटनाओं के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में बढ़ती खटास ने इस स्थिति को और बढ़ावा दिया है। सीनियर पुरुष टीम ने एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ भी हाथ नहीं मिलाना चुना था, और महिलाओं की टीम ने भी विश्व कप में इसी तरह का रुख अपनाया। U-19 एशिया कप में भी आयुष म्हात्रे और फरहान यूसुफ के टॉस पर हाथ न मिलाने का क्रम जारी रहा।

भारत को पहले बल्लेबाजी का अवसर

पाकिस्तान ने टॉस जीत कर फील्डिंग करने का निर्णय लिया, जिससे भारत को पहले बल्लेबाजी का मौका मिला। दोनों टीमों के बीच यह सुपर सिक्स स्टेज का महत्वपूर्ण मैच है। भारत ने हाल ही में जिम्बाब्वे को 204 रनों से हराया था, वहीं पाकिस्तान भी अच्छे फॉर्म में है। मैच के दौरान भारत के वैभव सूर्यवंशी और पाकिस्तान के मजबूत बॉलिंग अटैक का मुकाबला देखने को मिलेगा।

यह ‘हैंडशेक अटैक’ जैसा माहौल क्रिकेट से ज्यादा राजनीति के असर को दर्शाता है। सीमा पर बढ़ते तनाव और पाकिस्तान की गतिविधियों ने खेल के मैदान पर भी प्रभाव डाला है। ICC ने क्रिकेट को राजनीति से दूर रखने की बात कही थी, लेकिन दोनों बोर्डों के बीच तनाव इसकी अनुमति नहीं दे पा रहा। फैंस इस मुकाबले को लेकर काफी उत्साहित हैं, हालांकि टॉस का यह क्षण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।