पाकुड़ : पाकुड़ के बड़ा चटकम गांव के जंगल में मिले एक सड़े-गले शव की गुत्थी को पाकुड़ पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्या के मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह हत्या शराब पीने के दौरान हुए विवाद और एक महिला के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण हुई।

जंगल में मिला शव

28 मई को लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के सिमलौंग ओपी अंतर्गत बड़ा चटकम गांव के जंगल में एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो देखा कि शव काफी सड़ चुका था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनुदीप सिंह ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

मृतक की पहचान के बाद जांच में तेजी

स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शव की पहचान गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के राजाभीठा गांव निवासी 35 वर्षीय सुनील पहाड़िया के रूप में की। पहचान के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और अंतिम गतिविधियों की जांच शुरू की, जिससे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले और बड़ा चटकम गांव के दो युवकों पर संदेह गहराया।

शराब के दौरान हुआ विवाद

पुलिस ने 28 वर्षीय जलिया पहाड़िया और 30 वर्षीय धर्मा पहाड़िया को हिरासत में लिया और पूछताछ की। दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन वे सुनील के साथ शराब पी रहे थे, इसी दौरान सुनील ने उनकी एक परिचित महिला के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर बहस शुरू हुई, जो शराब के नशे में बढ़ गई और अंततः मारपीट में बदल गई।

पत्थर से किया हमला

पुलिस के अनुसार, गुस्से में आकर जलिया और धर्मा ने सुनील पर पत्थर से हमला कर दिया। उन्होंने उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों ने शव को जंगल में छोड़ दिया और फरार हो गए।

हत्या में इस्तेमाल पत्थर बरामद

गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया। पुलिस का कहना है कि इसी पत्थर से सुनील की हत्या की गई थी। बरामद हथियार को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सफलता

एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि इस मामले के खुलासे में तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और मुखबिरों से प्राप्त सूचना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन सभी तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और मामले का सफल खुलासा किया।

एसआईटी की मेहनत रंग लाई

इस हत्याकांड के खुलासे में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में पुलिस निरीक्षक बाबूराम भगत, सिमलौंग ओपी प्रभारी बलवंत दूबे, दिलीप बास्की, मुन्ना प्रसाद, मृत्यंजय कुमार पाठक तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।