जमशेदपुर में प्रदर्शन के बाद रेलवे स्टेशन पर हंगामा
टाटानगर रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में करंट लगने से झुलसे टेक्नीशियन आशीष माझी की मृत्यु के बाद मंगलवार शाम को स्टेशन परिसर के बाहर बड़ा हंगामा हुआ। मृतक के परिवार वाले और स्थानीय नागरिकों ने आश्रित को नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया।
परिजनों का विरोध प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद, मृतक के परिजन सीधे टाटानगर स्टेशन पहुंचे और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें उचित मुआवजा और मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी चाहिए। इस दौरान, परिजन शव के साथ स्टेशन परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रेल पुलिस ने उन्हें स्टेशन के पास ही रोक लिया।
जीवन और मौत का संघर्ष
आशीष माझी ने एक सप्ताह तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन अंततः उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को प्रभावित किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में रेलवे सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
