जमशेदपुर ( Jamshedpur ) : बड़ी खबर जमशेदपुर से है जहां अदालत (Court) ने जमशेदपुर से पकड़ाया संदिग्ध आतंकी (Terrorist) अब्दुल रहमान (Abdul Rahman) कटकी, कलीमुद्दीन (Kalimuddin) और अब्दुल शमी (Abdul Shami) को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. इसका 9 साल बाद फैसला आया है.
जमशेदपुर अलकायदा (Al-Kaeda) के संदिग्ध आतंकी के मामले में एडीजे – वन विमलेश कुमार सहाय की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुना दिया है. उन्होंने अपने फैसले में सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. वर्तमान में अब्दुल रहमान कटकी और मोहम्मद शमी जेल में बंद हैं जबकि कलीमुद्दीन जमानत पर थे.
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मालूम हो कि मानगो के मौलाना कलीमुद्दीन मुजाहिद, कटक (ओडिशा) के मोहम्मद अब्दुल रहमान अली खान उर्फ मौलाना मंसूर और धातकीडीह के अब्दुल शमी आरोपी थे. यह मामला 2016 का है. तत्कालीन बिष्टुपुर थाना प्रभारी जीतेंद्र सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी. मामले में कुल 16 गवाहों की गवाही दर्ज की गई थी. इधर फैसला आने के बाद मोहम्मद अब्दुल रहमान अली उर्फ कटकी के भाई मोहम्मद ताहिर अली ने बताया कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था. आज न्याय की जीत हुई है.
उन्होंने बताया कि ऐसा कभी सोचा नहीं था कि परिवार को यह दिन देखना पड़ेगा. आतंकी शब्द सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं. 9साल हमारे परिवार ने किस तरह से गुजारे इसकी परिकल्पना करके ही रूह सिहर जाता है. इधर कटकी सहित तीनों संदिग्धों की रिहाई पर कटकी के वकील भिलाई पांडा ने बताया कि शक के आधार पर बिष्टुपुर पुलिस ने कटकी को गिरफ्तार किया था. मगर जब केस का ट्रायल शुरू हुआ तो कुल 16 लोगों की गवाही कराई गई मगर किसी ने भी तीनों के आतंकी होने का प्रमाण नहीं दे सके. अंततः आज न्याय की जीत हुई है और सभी बाइज्जत बरी हो गए हैं.
