झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना कोडरमा जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने कई महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में मदद की है। इसके अलावा, पहले से व्यवसाय कर रही महिलाओं ने अपने कार्य का विस्तार किया है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

रीना का व्यवसाय बढ़ा, गायत्री को मिला स्थायी आय का स्रोत

चंदवारा प्रखंड की रीना देवी ने इस योजना से मिली राशि को बचाकर कपड़ों की दुकान खोली। आज उनका व्यवसाय लगातार प्रगति कर रहा है और वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इसी प्रकार, गायत्री देवी ने इसी सहायता का उपयोग करते हुए किराना दुकान शुरू की, जिससे उनके परिवार को एक स्थायी आय का स्रोत प्राप्त हुआ है।

पूजा और सीमा का सफल व्यापार

जयनगर की पूजा देवी ने योजना की मदद से राशन दुकान संचालित करना शुरू किया है और अब वे गर्व के साथ अपना व्यवसाय चला रही हैं। सीमा देवी ने पहले से चल रही पूजा सामग्री और सब्जी की दुकान में अतिरिक्त पूंजी लगाकर अपने कारोबार का विस्तार किया है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

नंदनी ने साबुन निर्माण की शुरुआत की, टुनी ने राशन की दुकान चलाई

मरकच्चो की नंदनी कुमारी ने इस योजना से मिली मदद के जरिए साबुन निर्माण का कार्य आरंभ किया है। उनके उत्पाद अब स्थानीय बाजार में पहचान बना रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं। वहीं, टुनी कुमारी ने योजना की राशि का उपयोग कर राशन दुकान खोली, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है।

जिला प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दे रही है। इस योजना का लाभ उठाकर जिले की हजारों महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ समाज में उनकी पहचान भी मजबूत हो रही है।

योजना से लाभान्वित महिलाएं कहती हैं कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान का भी एक माध्यम बन चुकी है। उनका मानना है कि समय पर मिली सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का हौसला दिया है।