रांची रेलवे स्टेशन पर गांजा तस्करी का भंडाफोड़

रांची रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 12 किलो गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का संचालन RPF पोस्ट कमांडर शिशुपाल कुमार के नेतृत्व में किया गया। मंगलवार को ऑपरेशन “नारकोस” के तहत मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए विशेष संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान में एक युवक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 12 किलो गांजा बरामद हुआ। गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपये है।

संदिग्ध अवस्था में युवक की पहचान

इस जांच के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 के वीआईपी गेट के पास एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैठा हुआ पाया गया। उसके पास काले और हरे रंग का स्काई बैग था। जब जांच दल ने उसकी गतिविधियों पर संदेह व्यक्त किया, तो उसे रोककर पूछताछ की गई। युवक ने अपनी पहचान बृजराज यादव (19 वर्ष) के रूप में बताई, जो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के मटियारवा गांव का निवासी है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसके बैग में गांजा रखा हुआ है।

गांजे की बरामदगी और कानूनी प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त प्रताप सिंह नेगी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की निगरानी की। एनडीपीएस अधिनियम के अनुसार आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में बैग की तलाशी ली गई। इस तलाशी में बैग से गांजे के चार पैकेट बरामद हुए, जिनका कुल वजन 12 किलो था।

तस्करी की योजना का खुलासा

प्रारंभिक पूछताछ में बृजराज ने बताया कि उसे ओडिशा के संताला से गोरखपुर तक गांजा पहुंचाने की जिम्मेदारी मेहंदी अंसारी नामक व्यक्ति ने दी थी। इस कार्य के लिए उसे प्रति किलोग्राम 1,000 रुपये का भुगतान करने का वादा किया गया था। उसने बताया कि जब RPF की जांच शुरू हुई, तो मेहंदी अंसारी मौके से फरार हो गया।

आरोपी को जीआरपी को सौंपा गया

आरपीएफ ने बरामद गांजे को सील कर दिया और आरोपी बृजराज यादव को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी रांची के हवाले कर दिया। इस पूरे ऑपरेशन में आरपीएफ पोस्ट रांची के पोस्ट कमांडर शिशुपाल कुमार, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक अजीत कुमार, और आरपीएफ फ्लाइंग टीम के आरक्षक दिलीप कुमार जितरवाल सहित अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।